खाते से रुपये निकलने के बाद भी बैंक कर्मी गुमराह करते रहे। पीड़ित ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग प्रथम में वाद दायर किया। आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार ने शाखा प्रबंधक एक्सिस बैंक 509 वर्कशॉप सदर और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से वादी को ब्याज सहित 80 हजार रुपये दिलाने के आदेश दिए। साथ ही मानसिक उत्पीड़न और वाद व्यय के 15 हजार रुपये अलग से देने होंगे।
जिला हाथरस के थाना सादाबाद क्षेत्र के गांव मंशाकला निवासी लव कुमार ने आयोग में वाद दायर किया था। बताया था कि वह एयरफोर्स में द्रास क्षेत्र कारगिल जम्मू कश्मीर में कार्यरत थे। घर खर्च चलाने के लिए उन्होंने अपनी पत्नी जयरानी को अपना डेबिट कार्ड दे रखा था। 25 दिसंबर, 2019 को पत्नी 509 वर्कशॉप सदर बाजार स्थित एक्सिस बैंक की एटीएम मशीन से रुपये निकालने गई थीं।
डेबिट कार्ड मशीन में लगाने के बाद भी रुपये नहीं निकले तो पत्नी घर लौटकर आ गई। कार्ड का मिनी स्टेटमेंट निकाला गया तो पता चला कि 4 बार में खाते से किसी ने 40 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए, जिसकी शिकायत एसबीआई बैंक शाखा सादाबाद में की। बैंककर्मी ने बताया कि खाते से मात्र 3 हजार रुपये निकले हैं। 26 दिसंबर को फिर खाते से 40 हजार रुपये निकल गए। कस्टमर केयर और में शाखा को सूचना देकर खाता ब्लाक करने के लिए कहा गया। थाना सदर में शिकायत की, पर कोई सुनवाई नहीं हुई। 12 जनवरी को सादाबाद शाखा में शिकायत की तो एक फार्म भरवाया गया, जिसमें 80 हजार रुपये वापस कराने का आश्वासन दिया गया था।