उत्तर प्रदेश के आगरा में नई कार में खराबी आने पर एक महिला ने वाद दायर किया। जिला उपभोक्ता आयोग प्रतितोष आयोग प्रथम के अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार और सदस्य सर्वेश कुमार ने मैसर्स एनआरएल मोटर्स प्राइवेट लिमिटेड बाईपास रोड कमला नगर को आदेश दिए कि कंपनी 45 दिन के अंदर पीड़िता को नई कार दे। साथ ही मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के रूप में 2.10 लाख रुपये अदा करे।
सदर थाना क्षेत्र की मधुवन कॉलोनी निवासी माधुरी ने अधिवक्ता के माध्यम से आयोग में वाद दायर किया। बताया कि उन्होंने 28 सितंबर 2018 को 4.45 लाख रुपये में कार खरीदी थी। चलाने पर कार से सीएनजी की बदबू आ रही थी।
कंपनी में शिकायत की तो कर्मचारियों ने इंजन पेंट से बदबू आने के बारे में बताया। कहा कि कुछ दिनों बाद खत्म हो जाएगी। मगर, ऐसा नहीं हुआ। 23 जून 2019 को फिर शिकायत की तो कार को वर्कशॉप में खड़ा करा लिया गया।
एक सप्ताह में ठीक कर वापस देने का वादा किया। इंजीनियर ने बताया कि कार में मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट है। कंपनी में ही ठीक हो सकेगा। इसके बाद वर्कशॉप से कार नहीं मिली। पीड़िता ने कार को अनुबंध ओला, उबेर कंपनी से कर रखा था। इससे रोजाना उसे 200 रुपये नुकसान झेलना पड़ा।