मथुरा में बाबा जयगुरुदेव मंदिर के पीछे निर्माणाधीन समाधि स्थल का नक्शा प्राधिकरण ने निरस्त कर दिया है। प्राधिकरण की उपाध्यक्ष ने सुनवाई के बाद यह फैसला लिया। नक्शा निरस्त करने की वजह भूमि पर आश्रम के स्वामित्व का न होना बताया गया है। जिस भूमि पर समाधि स्थल बन रहा है वह पट्टे की जमीन है।
दरअसल वर्ष 2007 में शासन द्वारा ग्राम महोली की करीब चार हेक्टेयर नजूल भूमि जयगुरुदेव धर्म प्रचारक ट्रस्ट को 30 वर्ष के पट्टे पर दी गई थी। इस जमीन पर संस्था द्वारा समाधिस्थल का निर्माण किया जा रहा है। ट्रस्ट की तरफ से राम कृष्ण यादव द्वारा खुद को ट्रस्टी बताते हुए प्राधिकरण में मानचित्र प्रस्तुत किया था।
प्राधिकरण ने इस मानचित्र को आपत्ति लगाकर वापस कर दिया। आपत्तियों का निराकरण न करने पर मानचित्र का आवेदन निरस्त कर दिया लेकिन निर्माण कार्य को नहीं रोका। इस दौरान बाबा जयगुरुदेव के अनुयायी शैलेंद्र सिंह चौहान द्वारा अवैध निर्माण की शिकायत प्राधिकरण से मई 2016 में की। इसके बाद भी प्राधिकरण ने निर्माण कार्य को नहीं रोका।