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यूपी पुलिस में भेदभाव का खेल: वसूली में सिपाही लाइन हाजिर, दरोगा पर कार्रवाई तक नहीं; सच सुनकर चौंक जाएंगे

Sat, 21 Feb 2026 11:40 AM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के थाना शाहगंज में दरोगा और सिपाही पर अवैध हिरासत और 25 हजार रुपये लेने के आरोप लगे हैं। शिकायत के बाद डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने जांच के आदेश दिए, फिलहाल एक सिपाही को लाइन हाजिर किया गया है।
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agra police - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा के थाना शाहगंज एक बार फिर चर्चा में है। इस बार भी मामला अवैध वसूली का है। मगर इस बार गाज सिर्फ एक सिपाही पर ही गिरी। थाने की हवालात में पीड़ित को अवैध हिरासत में रखने वाले दरोगा पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि अधिकारी जांच कर कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
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सराय ख्वाजा निवासी रईस खान ने एक बुलडोजर (जेसीबी) फाइनेंस पर खरीदा है। इसकी किस्त बकाया है। रईस ने बताया कि 7 फरवरी को थाना शाहगंज के दरोगा दीपक और सिपाही सनी मलिक घर पहुंचे। उसे सुबह 11:30 से थाने ले आए। उसके खिलाफ कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं थी। इसके बावजूद उसे अवैध हिरासत में रख लिया। 12 घंटे बाद 25 हजार रुपये ऑनलाइन लेने के बाद छोड़ा गया।
 

पीड़ित ने बृहस्पतिवार को डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास से शिकायत की थी। मामले में जांच के आदेश किए गए है। प्राथमिक शिकायत के आधार पर सिपाही सनी मलिक को लाइन हाजिर कर दिया गया। थाने की हवालात में बंद रखने पर अन्य किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। पहले भी थाना शाहगंज पुलिस के वसूली के मामले सामने आ चुके हैं। उधर, सिपाही भी अधिकारियों के पास पहुंचा है। उसका कहना है कि उसका कोई कसूर नहीं है। वह तो सिर्फ साथ गया था। थाने से पीड़ित को छोड़ने के समय वो नहीं था। डीसीपी सिटी ने बताया कि पीड़ित के बयान लिए जाएंगे। इसके साथ ही थाने के फुटेज भी देखे जा रहे हैं। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।

 
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सपा नेता के माध्यम से मिली रकम
मामले में सूत्रों ने बताया कि फाइनेंस कंपनी की ओर से रईस खान के खिलाफ प्रार्थनापत्र थाना शाहगंज में दिया था। इसकी जांच थाना प्रभारी निरीक्षक ने दरोगा दीपक सोनी को दी थी। इस पर ही रईस खान को थाने बुलाया गया। उसे धमकाया जाना था। मगर पुलिस ने उसे हवालात में बंद कर दिया। रात में एक सपा नेता थाने पहुंचे थे। तब पीड़ित ने उनसे बात की। रकम उधार देने के लिए कहा। पीड़ित और उसके भाई ने नेता को रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की। एक पुलिसकर्मी ने नेता से बात की। उसके कहने पर रकम किसी और को भेज दी। तब कहीं रईस को हवालात से निकाला गया था।
 
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