अधिवक्ता को झूठे मामले में फंसाने की साजिश, केस दर्ज
मैनपुरी। नगला रते निवासी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी ने उनके, भाई व भतीजे के खिलाफ षडयंत्र रचे जाने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी। आरोप लगाया कि कोई उनके नाम से प्रार्थना पत्र देकर कुछ लोगों से रंजिश कराना चाहता है। जबकि उक्त प्रकरण से उनका कोई लेनादेना नहीं है। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कोतवाली क्षेत्र के नगला रते निवासी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी विक्रम सिंह कश्यप ने एसपी को प्रार्थना पत्र दिया। बताया कि उनके भाई रणजीत सिंह, भतीजे संदीप और उनके नाम से एक फर्जी प्रार्थना पत्र भेजा गया है। 7 सितंबर की सुबह उनके मकान के सामने एक नाई की दुकान पर एक बंद लिफाफा मिला। वह लिफाफा दुकानदार ने उनके नाती के जरिए उनको भिजवाया।
जब सीलबंद लिफाफा खोल कर देखा तो उसमें एक फोटो स्टेट प्रार्थना पत्र मिला। जो प्रकरण उक्त प्रार्थना पत्र में लिखा था, उक्त प्रकरण से उनका, भाई और भतीजे का कोई वास्ता नहीं है। इस पत्र को उनके नाम से किसी अन्य व्यक्ति ने भेजा है। पत्र भेजने वाला व्यक्ति पत्र में लिखे धीरू राठौर, वीरू, हाशिम और काशिम से उनकी रंजिश कराना चाहता है। या उनके माध्यम से अपना कोई मकसद पूरा करना और उन्हें भाई और भतीजे को झूठे मुकदमे में फंसाना चाहता है। उक्त पत्र की एक कॉपी वह धीरू राठौर को भेज कर मामले से अवगत करा चुके हैं। पत्र की जांच कर भेजने वाले के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने के बाद जांच व कार्रवाई शुरू कर दी है।