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Agra: मेट्रो पार्किंग को बदनाम करने की साजिश, माफिया ने रची झूठी कहानी...फर्जी निकला वसूली का मामला

Wed, 13 Nov 2024 02:26 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला नेटवर्क, आगरा

सार

मेट्रो की पार्किंग को बदनाम करने के लिए माफिया ने साजिश रची। 100 रुपये शुल्क वसूली की फर्जी रसीद व ड्राइवर का वीडियो वायरल किया।
 
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आगरा मेट्रो पार्किंग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आगरा में  ताजमहल मेट्रो स्टेशन की सस्ती पार्किंग ने अन्य पार्किंग संचालकों की हालात खराब कर रखी है। ऐसे में मेट्रो की पार्किंग को बदनाम करने के लिए माफिया ने साजिश रची। 100 रुपये शुल्क वसूली की फर्जी रसीद व ड्राइवर का वीडियो वायरल किया। मेट्रो व पुलिस जांच में अवैध वसूली का मामला फर्जी निकला।
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ताजमहल सहित सभी 6 स्टेशन की पार्किंग महाराष्ट्र की कंपनी प्राइम पार्किंग के पास है। पुरानी मंडी चौराहा पर ताजमहल मेट्रो स्टेशन है। इसके पीछे ही मेट्रो की पार्किंग हैं। जिसमें ताजमहल आने वाले पर्यटक भी वाहन खड़े कर रहे हैं। यहां लपका, हॉकर व फर्जी गाइडों की मनमानी नहीं चलती। क्योंकि पार्किंग में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं। शुल्क भी बेहद कम है। 4 पहिया के लिए 20 रुपये, 2 पहिया के लिए 10 और साइकिल के लिए 3 रुपये शुल्क है। पार्किंग की रसीद हैंड हेल्ड मशीन से मिलती है। जिसमें किसी तरह का फर्जीवाड़ा भी नहीं हो सकता।

अमर उजाला टीम ने मंगलवार को पार्किंग की पड़ताल की। पता चला कि ताजमहल मेट्रो स्टेशन पर सस्ती पार्किंग सुविधा मिलने से ताजमहल पश्चिमी गेट, महताब बाग, आगरा फोर्ट व आसपास संचालित अन्य निजी पार्किंग का धंधा ठप हो गया। मेट्रो पार्किंग ठेकेदार करन वर्मा ने बताया कि अन्य जगह 4 पहिया वाहन से 100 रुपये पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। साथ ही पार्किंग में लपके, हॉकर व फर्जी गाइड सक्रिय हैं। जो वाहन पार्क करते हुए पर्यटकों से खींचतान शुरू कर देते हैं।
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इसलिए पार्किंग माफिया ने एक ड्राइवर का वीडियो वायरल करते हुए अवैध वसूली की साजिश रची। पुलिस व मेट्रो अधिकारियों की जांच में शिकायत फर्जी निकली। मेट्रो के सहायक प्रबंधक पंचानन मिश्रा ने बताया कि मेट्रो पार्किंग में हैंड हेल्ड कम्प्यूटराइज्ड पार्किंग स्लिप मिलती है। शिकायत में जो हाथ की रसीद दी गई है, वह फर्जी थी।
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