दर्ज कराई गई थी रिपोर्ट
अगले ही दिन इन तीनों महिलाओं ने प्रधान सहायक पुष्पेंद्र सिंह को आरोपी बताते हुए नामजद कर कोतवाली नगर में रिपोर्ट दर्ज करा दी। बाद में प्रधान सहायक का स्थानांतरण यहां से सकरौली पीएचसी पर कर दिया गया। हालांकि मामला सीएमओ की प्रतिष्ठा से जुड़ गया है, जिसे लेकर कड़ी कार्रवाई कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन अंदर ही अंदर समझौते की कोशिशें भी चल रही हैं। कोतवाली नगर प्रभारी सुधीर सिंह ने बताया कि साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के अनुसार विवेचना की जा रही है।
ऑडियो की जांच पर उठ रहे सवाल
ऑडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने दो स्वास्थ्य अधिकारियों की जांच समिति बनाई। इन दोनों अधिकारियों ने ऑडियो में प्रधान सहायक की आवाज की पुष्टि कर दी। लेकिन आपत्ति यह उठ रही है कि स्वास्थ्य अफसरों ने आवाज की जांच किस तकनीक के जरिए कर ली?