शहर के पावर हाउस रोड निवासी रूबी सोमवार की शाम जीआरपी थाने में खाना बनाने आई। इस दौरान उसकी छह साल की बेटी को रेलवे स्टेशन पर पल्लेदारी का काम करने वाला एक शख्स कहीं लेकर चला गया। कोतवाली पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बाद तेजी के साथ बच्ची और आरोपी की तलाश में जुटी है। अभी तक सफलता नहीं मिल सकी है। लेकिन रेलवे स्टेशन के आसपास लगे सीसीटीवी से पुलिस को कुछ अहम जानकारियां हाथ लगीं। पल्लेदार वैष्णवी को लेकर भांवत चौराहा की ओर गया। इस दौरान उसे दो लोग मिले, जो उसके साथ आगे तक गए।
चौकी इंचार्ज रेलवे गेट विपिन तोमर के नेतृत्व में खुलासे को लेकर काम कर रही टीम ने जब संदिग्धों को पकड़ कर उनसे पूछताछ की तो दोनों ने बताया कि वह लोग पल्लेदार को सिर्फ पहचानते हैं। वह कहां का रहने वाला है और बच्ची को क्यों और कहां ले गया? इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। बताया कि पल्लेदार ने बच्ची को भांवत चौराहे के पास एक दुकान से चप्पल भी पहनाई थी। इसके लिए एक साथी ने 50 रुपये भी उधार दिए थे। बच्ची को चप्पल पहनाने के बाद वह कहां चला गया। उन लोगों को इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। काम करने के दौरान सिर्फ पहचान थी। इससे ज्यादा वह पल्लेदार के बारे में कुछ नहीं जानते।
अतीत में जाकर मिल सकती है सफलता
जिस तरह से छह साल की वैष्णवी गायब हुई है, उसे ले जाने वाला उसे अपनी बेटी बता रहा है। उसे चप्पल पहनाई और बच्ची भी उसके साथ बेफिक्र नजर आ रही है। इस पूरे घटनाक्रम में अब पुलिस को निश्चित तौर पर महिला के अतीत के पन्ने पलटने की जरूरत है। रूबी जनपद फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद क्षेत्र की रहने वाली है। हो सकता है कि पुलिस को अतीत में बच्ची के लापता होने के बारे में कुछ सुराग मिल जाए।