करारी हार के बाद कांग्रेस के संगठन में व्यापक फेरबदल किया जाएगा। पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति और राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्यों का भी चुनाव जून तक किया जाना है। संगठन के नेताओं का कहना है कि निष्क्रिय संगठन के कारण पीके का फार्मूला भी फेल हो गया। ऐन वक्त पर सपा से गठबंधन के बाद भितरघातियों ने नुकसान पहुंचाया। अब संगठन में सफाई की जाएगी।
प्रदेश के चुनाव में कांग्रेस की बुरी हार के लिए प्रत्याशियों के साथ ही संगठन के ढांचे में बदलाव पर चिंतन शुरू हो गया है। पार्टी के पदाधिकारियों की मानें तो संगठन में फेरबदल तो लगभग डेढ़ साल पहले ही होना था, लेकिन अब ये अनिवार्य रूप से होना तय है। अभी तक पार्टी के एआईसीसी और पीसीसी सदस्यों के लिए चुनाव भी नहीं हो सके थे। अब जून तक इनका चुनाव भी किया जाना है। इसके अलावा चुनाव के दौरान पार्टी और गठबंधन के प्रत्याशियों का साथ नहीं देकर दूसरे दलों के प्रत्याशियों के लिए काम करने वाले पार्टी पदाधिकारी भी चिह्नित किए जा चुके हैं। उनकी रिपोर्ट बन चुकी है। उनके खिलाफ भी कार्रवाई को तय माना जा रहा है। पार्टी में अब पुराने चेहरों की जगह युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं। जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने बताया कि होली के बाद संगठन की गतिविधियां तेज हो जाएंगी। जल्द ही संगठन में बड़ा फेरबदल किया जा सकता है।