कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर, विवेक बंसल व अनिल चौधरी
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कांग्रेस के रिश्वत कांड की जांच करने आई तीन सदस्यीय कमेटी के सदस्य कांग्रेस विधानमंडल दल के पूर्व नेता प्रदीप माथुर ने कहा है कि कांग्रेस की जिलाध्यक्ष का वीडियो प्रकरण भारतीय जनता पार्टी की शह पर किया गया है। कांग्रेस को बदनाम करने को विपक्षी दलों ने यह साजिश की है। प्रकरण की जांच पूरी कर ली गई है। रिपोर्ट पार्टी हाईकमान को दी जाएगी।
माथुर ने कहा कि हमारी जिलाध्यक्ष ने पार्टी को ऊपर उठाने के लिए काफी मेहनत की है। उनको काम से रोकने के लिए भारतीय जनता पार्टी के लोगों ने यह षड्यंत्र रचा है। जनता के साथ धोखे के सवाल पर माथुर ने कहा कि कांग्रेस के अध्यक्षों को फंसाने का षड्यंत्र विपक्षियों ने किया है। कांग्रेस फिर से जनता के लिए काम करेगी और मुख्यधारा में आ जाएगी।
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राष्ट्रीय सचिव विवेक बंसल ने कहा कि हमने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की राय जानी है। उनके सुझाव भी लिए हैं। इसके क्या दूरगामी प्रभाव होंगे। वीडियो को भी देखा है। इसके बाद हम किसी निष्कर्ष पर पहुंचकर अपनी रिपोर्ट हाईकमान को देंगे।
गुटबाजी के सवाल पर बंसल ने कहा कि गुटबाजी किस दल में नहीं है। मैं राजस्थान का सह प्रभारी हूं। वहां पर बीजेपी में इतनी गुटबाजी हो गई कि वसुंधरा राजे को अलग-थलग कर दिया गया है।
जहां तक इस प्रकरण की बात है तो हाईकमान ने इसे बहुत गंभीरता से लिया है। यही कारण है कि उन्होंने कमेटी को यहां भेजा, ताकि हम कार्यकर्ताओं की आवाज को सुन सकें। विघटन किस कारण हुआ। क्या वजहें रहीं। जब तक मूल बीमारी का पता नहीं चलेगा तो इलाज कैसे होगा। किसान कांग्रेस के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के चेयरमैन डॉ. अनिल चौधरी ने कहा कि यह पूरा षड्यंत्र विपक्षी दलों ने कांग्रेस की लोकप्रियता को कम करने के लिए रचा गया है।
ये था मामला
आगरा में बिजली बिल माफी को लेकर टोरंट पावर कंपनी के खिलाफ प्रदर्शन नहीं करने के एवज में कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित का कंपनी के मध्यस्थ से पांच लाख रुपये एकमुश्त और तीन लाख रुपये मासिक की मांग करते हुए वीडियो वायरल हुआ। इसमें जिला महासचिव शाहिद अहमद सौदेबाजी कराने पहुंचे थे। पार्टी नेतृत्व ने दोनों से इस्तीफे ले लिए। हालांकि जिलाध्यक्ष का दावा है कि षड्यंत्र करके उन्हें फंसाया गया।
वायरल हुआ पहला वीडियो 2.50 मिनट का है, जिसमें कांग्रेस की जिलाध्यक्ष मनोज दीक्षित, अपने पति के साथ बैठी दिखाई दे रहीं हैं। दूसरी ओर टोरंट पावर का कथित दलाल है, जोकि बिल माफी को लेकर प्रदर्शन नहीं करने के लिए बात कर रहा है। इस पर जिलाध्यक्ष ने पांच लाख रुपये एकमुश्त व तीन लाख रुपये मासिक की मांग की है।