लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद से कांग्रेस और सपा जैसे राजनीतिक दल अब तक तैयार नहीं हो पाए हैं। आगरा जिले में स्थिति यह है कि सरकार के खिलाफ आवाज उठाना तो दूर संगठन को मजबूत करने की दिशा में कोई प्रयास भी नहीं हो रहे। दोनों संगठन जिला और महानगर में सुस्त अवस्था में हैं।
समाजवादी पार्टी की जिला और महानगर इकाई पिछले नौ महीने से भंग चल रही है। इसके चलते स्थानीय नेताओं में आपस में खींचतान है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाल ही में पार्टी के कुछ नेताओं द्वारा सूरसदन में आयोजित 'समाजवादी समागम' कार्यक्रम से कार्यकर्ता तो दूर नेता तक दूर रहे।
सपा के निवर्तमान महानगर अध्यक्ष चौधरी वाजिद निसार ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष की देखरेख में कार्यकारिणी का गठन होगा। इसके लिए कवायद चल रही है। भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सड़क पर उतरकर प्रदर्शन होगा।