कवि सम्मेलन समिति के अधिवेशन में आए कवि
- फोटो : अमर उजाला
सुखधाम में आयोजित कवि सम्मेलन समिति के अधिवेशन में कवियों पर सरकार द्वारा लगाई जाने वाले जीएसटी और बौद्धिक सम्पदा के संरक्षण का मुद्दा छाया रहा।
कवि सम्मेलन समिति के अध्यक्ष अरुण जैमिनी ने कहा कि कवि की कविताओं और उसके संवाद को जीएसटी के दायरे में लाना उचित नहीं। यह कोई सेवा या व्यापार नहीं बल्कि एक कवि के विचार और उसका भाव है।
इस संबंध में केन्द्र सरकार और जीएसटी परिषद से एक प्रतिनिधि मंडल मिला है। संभवत: कुछ सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। सह सचिव चिराग जैन ने कहा कि कविताओं के प्रस्तुतिकरण को जीएसटी लगाने से साहित्य पर जीएसटी लगाने जैसा है। जो कि अनुचित है।