यूपीएमआरसी ने मेट्रो के लिए सूरसदन चौराहा तक बैरिकेडिंग कर दी है, लेकिन ऐसे में एमजी रोड पर जाम ही जाम रहता है। आलम ये है कि पांच किमी की दूरी तय करने में भी एक घंटा लग रहा है।
आगरा मेट्रो निर्माण कार्य के शुरू होने पर वैकल्पिक उपाय नहीं किए जाने से शहर की लाइफ लाइन माने जाने वाली एमजी रोड पर यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। 5 किमी की दूरी तय करने में एक घंटे से अधिक लग रहा है। स्कूल-काॅलेज की छुट्टी के समय वाहनों की लंबी कतार लग रही है। विद्यार्थियों को घर पहुंचने में आधा घंटा तक अधिक लग रहा है। जाम में एंबुलेंस फंसने से मरीजों का हाल बेहाल है। मेट्रो ने बैरिकेडिंग तो कर दी है, लेकिन मार्ग पर फुटपाथ हटाकर सड़क को चाैड़ा करने का कार्य एक महीने बाद भी नहीं किया गया है। इससे कई पॉइंट पर संकरे रास्ते की वजह से रोजाना लोग जाम से दो-चार हो रहे हैं।
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मेट्रो परियोजना के दूसरे कॉरिडोर के लिए प्रतापपुरा चौराहा से सूरसदन चौराहा तक दोनों ओर की एक-एक लेन बंद कर दी गई है। बगल में फुटपाथ भी बने हैं और इन पर अतिक्रमण भी है। इससे रास्ता संकरा होने से रोजाना जाम लग रहा है। सबसे ज्यादा बुरा हाल दोपहर 1-3 बजे और शाम को 6 से रात 10 बजे तक होता है। इसी रोड पर एसएन मेडिकल कॉलेज, लेडी लॉयल, जिला अस्पताल समेत कई निजी अस्पताल भी हैं।
इस रोड से सैकड़ों मरीजों को निजी वाहन और एंबुलेंस से इलाज के लिए जाना पड़ता है। आगरा कॉलेज, सेंट जोंस कॉलेज, क्वीन विक्टोरिया इंटर कॉलेज, एमडी जैन इंटर कॉलेज समेत अन्य शैक्षणिक संस्थान भी हैं। 10 मिनट में पूरा होने वाला 5 किमी का के सफर में जाम के कारण घंटा भर का समय लग रहा है। इससे मरीजों की जान पर भी बन सकती है।
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दो साल तक चलेगा एमजी रोड पर मेट्रो का कार्य
- मेट्रो का दूसरा कॉरिडोर आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक है। इसमें 14 एलिवेटेड स्टेशन हैं, जिसमें 8 स्टेशन इसी रोड पर बनने हैं। इसको बनने में दो साल से अधिक का समय लगेगा। इस तरह से सड़क को चौड़ा नहीं किया तो हालत बदतर हो जाएंगे।
ये किया जा सकता है
- फुटपाथ और डिवाइडर को तोड़कर सड़क को चौड़ा करना था।
- फुटपाथ पर प्रतिष्ठानों की पार्किंग समेत अतिक्रमण हटाना था।
- यूपीएमआरसी के गार्ड और यातायात पुलिसकर्मी तैनात होने थे।
- संकेतक लगाने के साथ मेट्रो ट्रेन का निर्माण कार्य तेज करना।
(जिला यातायात सुरक्षा कमेटी के सदस्य डॉ. संजय चतुर्वेदी के अनुसार)
यहां पर सबसे ज्यादा दिक्कत
- सुभाष पार्क के सामने कलेक्ट्रेट की तरफ जाने वाले मार्ग पर वाहन फंस जाते हैं। इस मार्ग पर बैरिकेडिंग की वजह से रास्ता संकरा हो गया है। फुटपाथ को चाैड़ा नहीं किया गया है।
- साईं की तकिया से कलेक्ट्रेट की तरफ वाले मार्ग पर डीएम आवास से पहले भी यही स्थिति है। वाहनों की कतार लगती है। यहां पर गार्ड रहते हैं, लेकिन उनका कोई फायदा नहीं है।
- सूरसदन चाैराहे पर नगर निगम के सामने वाहन फंस जाते हैं। बैरिकेडिंग की वजह से रेड लाइट के बाद जब वाहन निकलते हैं तो लाइन लग जाती है।
डीएम के निर्देश पर भी कोई सुनवाई नहीं, हो रही दिक्कत
जिला यातायात सुरक्षा कमेटी के सदस्य डॉ. संजय चतुर्वेदी का कहना है कि एमजी रोड शैक्षणिक संस्थान, अस्पताल, प्रतिष्ठान समेत और सरकारी विभाग हैं। इनसे शहर-देहात के साथ दूसरे जिलों के भी लोग आते हैं। डीएम के निर्देशों की भी सुनवाई नहीं हुई।
विभागों को पत्र लिखा, जल्द चौड़ा होगा एमजी रोड
यूपीएमआरसी के एमडी सुशील कुमार का कहना है कि मेट्रो के कार्य को तेजी से किया जा रहा है। यातायात सुगम बनाने के लिए संबंधित विभागों के साथ बैठक भी हुई है। एमजी रोड का पुन: सर्वे कराते हुए मंगलवार को इसका रिव्यू कराते हैं, समाधान कराया जाएगा।