आगरा के एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम के कर्मचारी और सदर बाजार चौकी प्रभारी के बीच विवाद में नया मोड़ आ गया है। चौकी में गाली-गलौज और पिटाई के आरोप लगाने वाले चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रोहित कुमार ने अब कार्रवाई नहीं चाहने की लिखित सहमति दे दी है। ऐसा शुक्रवार रात करीब 11 बजे स्टेडियम में क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी (आरएसओ) संजय शर्मा की मौजूदगी में चौकी प्रभारी रिक्की पूनिया और रोहित के बीच वार्ता के बाद हुआ।
मामले से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग वायरल होने के बाद यह विवाद चर्चा में आया था। विवाद स्टेडियम में प्रवेश के लिए एक महिला से जरूरी कार्ड मांगने पर शुरू हुआ था। रोहित का आरोप था कि महिला ने कार्ड मांगने पर चौकी प्रभारी रिक्की पूनिया का नाम लिया। इसके बाद उन्हें फोन करके सदर बाजार चौकी बुलाया गया, जहां उनके साथ गाली-गलौज और पिटाई की गई।
रोहित ने पुलिस आयुक्त को दिए शिकायती पत्र में आरोप लगाया था कि उन्हें दोपहर करीब एक बजे उन्हें चौकी बुलाया गया। करीब 20 मिनट तक उनकी पिटाई हुई। उनका मोबाइल फोन भी ले लिया गया और कॉल डिटेल देखने के बाद फोन अपने पास रख लिया गया। रोहित के मुताबिक, उन्हें पांच से छह घंटे तक चौकी में बैठाए रखने के बाद जबरन माफीनामा लिखवाकर छोड़ा गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के बारे में किसी को बताने पर झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी दी गई। पुलिस आयुक्त से निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की थी।
ऑडियो में लापता खिलाड़ी के मामले का भी जिक्र
मामले से जुड़ी कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग में कथित तौर पर गाली-गलौज के साथ स्टेडियम के छात्रावास से लापता हुए खिलाड़ी के प्रकरण का भी जिक्र है। आरोप है कि बातचीत के दौरान आरएसओ और कोच की मदद करने और उन्हें जेल जाने से बचाने की बात कही गई है। अब रोहित के कार्रवाई नहीं चाहने संबंधी लिखित बयान के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। हालांकि, पूर्व में लगाए गए आरोपों के संबंध में जांच या किसी अन्य कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट नहीं है।
शुक्रवार रात करीब 11 बजे मुझे स्टेडियम बुलाया गया था। इसके बाद आरएसओ संजय शर्मा ने चौकी प्रभारी रिक्की पूनिया की मौजूदगी में बातचीत कराई। बातचीत के बाद मैंने लिखकर दे दिया है कि अब मैं कोई कार्रवाई नहीं चाहता हूं।
-रोहित कुमार
उन्होंने घटनाक्रम के केंद्र में रही युवती से बातचीत की। युवती ने स्वीकार किया कि कोई बहुत बड़ा विवाद नहीं हुआ था। मामला परिस्थितिजन्य था। वह मामले के जांच अधिकारी नहीं थे इसलिए समझौते की परिस्थिति पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। यदि बातचीत के बाद कुछ बिंदुओं पर सहमति बनी है और रोहित ने लिखित रूप में मामला समाप्त करने की बात दी है, तो यह अच्छी बात है। विवाद खत्म होना ही बेहतर है। मामला यहीं समाप्त हो जाए, यही उचित है।
- संजय शर्मा, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी