एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में दो बच्चों की जटिल सर्जरी कर उनकी जान बचाई गई। एक बच्चे का जन्म से मलद्वार विकसित नहीं था, जबकि दूसरी बच्ची की पेशाब की निकासी बाधित होने से किडनी गुब्बारे की तरह फूल गई थी। दोनों का निशुल्क ऑपरेशन किया गया और हालत में सुधार के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग में दो बच्चों की जटिल सर्जरी कर जान बचाई गई है। एक के जन्मजात मलद्वार नहीं था और दूसरे की किडनी गांठ होने के कारण गुब्बारे की तरह फूली हुई थी। दोनों का निशुल्क ऑपरेशन हुआ और हालत ठीक होने पर डिस्चार्ज कर दिए गए हैं।
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सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि डेढ़ साल के बच्चे का जन्म से मलद्वार विकसित नहीं हुआ था। दूरबीन विधि से मलद्वार बनाया गया। इसमें पावर्ड स्टेपलर तकनीकी उपयोग की गई, करीब ढाई घंटे का समय लगा। सर्जरी के बाद नवजात सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया। हालत में सुधार होने पर सामान्य वार्ड में शिफ्ट फिर डिस्चार्ज कर दिया गया।
दूसरा मामला एक साल की बच्ची का था। इसके किडनी में गांठ की शिकायत पर सीटी स्कैन कराया। पाया गया कि पेशाब की निकासी प्रभावित होने से किडनी गुब्बारे की तरह फूली हुई थी। ऐसी स्थिति में किडनी के डैमेज होने का खतरा रहता है। लैप असिस्टेड पायलोप्लास्टी से गांठ को निकाला गया। एनआईसीयू में भर्ती रखा गया। हालत ठीक होने पर इसे भी डिस्चार्ज कर दिया है।
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प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि सुपर स्पेशलिस्ट चिकित्सक होने से बेहद जटिल ऑपरेशन भी एसएन में हो रहे हैं। निजी अस्पताल में यह ऑपरेशन और इलाज में 4-5 लाख रुपये का खर्चा आता। यहां निशुल्क हुआ है। ऐसी बीमारियों पर मरीज एसएन में दिखाकर लाभ उठा सकते हैं।