मैनपुरी। ग्राम पंचायतों की शिकायतों को लेकर प्रशासन ने गंभीर रुख अपनाया है। जिले में बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों की शिकायतों का केवल इसलिए निस्तारण नहीं हो सका, क्योंकि उनकी जांच रिपोर्ट नहीं आई है। इसी के चलते मुख्य विकास अधिकारी ने सभी जांच अधिकारियों को नोटिस जारी किए हैं।
वर्तमान में जिले की 44 ग्राम पंचायतों की जांच के लिए मुख्य विकास अधिकारी ने 22 अधिकारियों को नामित किया गया है। इसमें सभी ग्राम पंचायतों के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। ये शिकायतें बीते एक या दो माह की नहीं बल्कि पूरे एक साल की हैं लेकिन अब तक इनकी जांच रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी के सामने नहीं पहुंच सकी। इस बीच कई बार जांच अधिकारियों को अनुस्मारक पत्र भी भेजे गए, लेकिन इसका भी उन पर कोई असर नहीं हुआ। इसे लापरवाही मानते हुए अब सभी जांच अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी ने नोटिस जारी किया है। इसमें पूछा गया है कि आखिर अब तक जांच क्यों पूरी नहीं की गई और उनके विरुद्ध इस लापरवाही के लिए कार्रवाई क्यों न की जाएगी। नोटिस जारी होने के बाद अधिकारियों में खलबली मच गई है। सूत्रों के अनुसार नोटिस प्राप्त होने के बाद कुछ अधिकारियों ने जांच भी शुरू कर दी है। अब देखना ये है कि अधिकारी खुद को बचाने के लिए क्या जवाब देते हैं।
सीडीओ गठित करते हैं समिति
जब भी जिलाधिकारी से किसी ग्राम पंचायत में घोटाले की शिकायत की जाती है तो वे कार्रवाई के लिए मुख्य विकास अधिकारी को लिखते हैं। मुख्य विकास अधिकारी इन शिकायतों और अपने पास आने वाली शिकायतों में जांच के लिए आदेश करते हैं। उनके द्वारा अधिकारियों और समिति को जांच सौंपी जाती हैं। जांच समिति अपनी रिपोर्ट मुख्य विकास अधिकारी को ही सौंपती है।
इन अधिकारियों को जारी हुए नोटिस
नोटिस जारी होने वाले अधिकारियों में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता, खंड विकास अधिकारी जागीर, अवर अभियंता करहल, खंड विकास अधिकारी करहल, जिला खादी ग्रामोद्योग अधिकारी, आचार्य प्रशिक्षण संस्थान, सहायक अभियंता लघु सिंचाई, खंड विकास अधिकारी मैनपुरी, अवर अभियंता मैनपुरी, अवर अभियंता घिरोर, अवर अभियंता करहल, सहायक निदेशक मत्स्य, सहायक विकास अधिकारी पंचायत किशनी, जिला कार्यक्रम अधिकारी, खंड विकास अधिकारी किशनी, अवर अभियंता किशनी, खंड विकास अधिकारी सुल्तानगंज, जिला उद्यान अधिकारी, अवर अभियंता कुरावली, अवर अभियंता सुल्तानगंज, अवर अभियंता किशनी और पशु चिकित्साधिकारी शामिल हैं।
वर्जन
नोटिस जारी कर जवाब मांगा
ग्राम पंचायतों की जांच में देरी पर जांच अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। उनसे पूछा गया है कि आखिर जांच में क्यों देरी हो रही है।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।