फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: दिल्ली गेट के 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को लेकर भारी विवाद, TTZ में शिकायत; दो विभागों को देनी पड़ी सफाई

Mon, 13 Jul 2026 09:43 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा

सार

आगरा के दिल्ली गेट पर मॉडल रोड निर्माण के दौरान 100 साल पुराने पीपल के पेड़ को हटाने का मामला ताज ट्रेपेजियम जोन तक पहुंच गया है। पर्यावरणविद् ने मामले की जांच और कार्रवाई की मांग की है, जबकि नगर निगम और वन विभाग ने अलग-अलग वजह बताई हैं।
विज्ञापन
पीपल का पेड़ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा के दिल्ली गेट पर 100 साल से ज्यादा पुराने पीपल के पेड़ को स्थानांतरित करने या हटाने के लिए कई माह पहले वन विभाग को पत्र लिखा गया था मगर जवाब नहीं मिलने के कारण नगर निगम ने सीएम ग्रिड का काम चालू करवा दिया।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  ये तस्वीरें कर देंगी हैरान: रेलवे अधिकारी को स्टेशन पर घसीटा, जड़े थप्पड़, RPF जवानों ने ये क्या कर डाला

 

सीएम ग्रिड योजना के तहत हरीपर्वत चौराहे पर बनाई जा रही मॉडल रोड निर्माण के दौरान लगभग पीपल के पेड़ की कटाई का मामला ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) तक पहुंच गया है। पर्यावरणविद् डॉ. शरद गुप्ता ने रविवार को मंडलायुक्त एवं टीटीजेड प्राधिकरण के चेयरमैन को शिकायत भेजकर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ जांच, दंडात्मक कार्रवाई और क्षतिपूरक वृक्षारोपण कराने की मांग की है।

ये भी पढ़ें -  Gold Price 2026: सोना 15 हजार रुपये हुआ सस्ता, चांदी में भी भारी गिरावट; फिर भी नए आभूषण नहीं खरीद रहे लोग
 

बारिश के कारण गिरा पेड़
वन विभाग के आरओ सिटी राजेश्वर यादव का कहना है कि लगातार 2 दिन हुई बारिश के कारण पेड़ कमजोर होकर अपने आप गिर गया था। डीएम कार्यालय व पुलिस विभाग की ओर से रास्ता बाधित होने की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचकर पेड़ की टहनियां और हिस्सों की छंटाई कर रास्ता सुचारू कराया गया।

ये भी पढ़ें -  पति की नीच हरकत: पत्नी का कराया गर्भपात, इसलिए अश्लील तस्वीरें कर दीं वायरल, ससुराल वालों को भी न आई शर्म
 
विज्ञापन

पेड़ सड़क के बीच में आ रहा था
नगर निगम के कार्यवाहक मुख्य अभियंता अरविंद श्रीवास्तव ने बताया कि हरीपर्वत रोड पर गिरा विशाल पीपल का पेड़ सड़क निर्माण में भी बाधा बन रहा था। सीवर खुदाई के दौरान पेड़ से कोई परेशानी नहीं थी, लेकिन पेड़ सड़क के बीचोंबीच आ रहा था। इसके स्थानांतरण के लिए वन विभाग को कई माह पहले पत्र भेजा गया था, लेकिन वहां से कोई उत्तर प्राप्त नहीं हुआ। इसके बाद नगर निगम ने सड़क निर्माण का काम शुरू कर दिया।

ये भी पढ़ें -   UP: महिला डॉक्टर को दिल दे बैठा अस्पताल का मैनेजर, फिर चुपके से की ऐसी हरकत; सुनकर रह जाएंगे सन्न
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें