भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा अध्यक्ष मायावती सहित कई नेताओं के खिलाफ थाना जगदीशपुरा में रविवार को तहरीर दी है। इसमें बसपा नेताओं पर दयाशंकर की पत्नी, मां, बेटी सहित देश की सभी महिलाओं को अपमानित करने का आरोप लगाया है।
भाजपा पार्षद राजेश कठेरिया और जितेंद्र पाराशर ने तहरीर में कहा है कि 20 जुलाई को मायावती ने राज्यसभा में दयाशंकर सिंह के परिवार की महिलाओं को अपमानित करने की नीयत से अपशब्द कहे। 21 जुलाई को उन्हीं के कहने पर बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी, प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर, राष्ट्रीय सचिव मेवालाल आदि की अगुवाई में लखनऊ में एकत्रित हुए कार्यकर्ताओं ने सरेआम अभद्र, अश्लील और आपत्तिजनक नारे लगाए।
उन्होंने आम लोगों के बीच वर्ग और जातीय भेद उत्पन्न कर शत्रुता फैलाकर सामूहिक रूप से हिंसा के लिए भीड़ को उकसाया। इन लोगों ने सभी लोगों पर जानबूझकर प्रदेश व देश के जनमानस को भयभीत करने तथा हिंसा व अराजकता फैलाने के लिए लोगों को उकसाने का कृत्य किया है। तहरीर में भाजपा नेताओं ने पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, नसीमुद्दीन सिद्दीकी सहित सभी नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस दौरान मुकेश पालीवाल, राजकुमार पथिक, राम कुमार भारद्वाज, सुधीर गोयल, अशफाक सैफी, शिव कुमार समी, फरीद खान, वरुण पाराशर आदि मौजूद थे।
भाजपा सांसद ने कहा, नसीमुद्दीन का बिगड़ चुका है मानसिक संतुलन
दयाशंकर प्रकरण में भाजपा पूरी तरह से हमलावर हो गई है। अपने बेबाक बयानों से चर्चा में रहने वाले फतेहपुर सीकरी के सांसद चौधरी बाबूलाल ने इस बार बसपा पर हमला बोला है।
कहा कि बेटी और बहुओं पर अभद्र टिप्पणी करने वाले बसपा के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। उन्होंने सिद्दीकी को आगरा या बरेली की मानसिक आरोग्यशाला में भर्ती कराने की नसीहत दी है। साथ ही उन्हें आगरा आने पर सबक सिखाने की चेतावनी भी दी है।
रविवार को जयपुर हाउस स्थित अपने आवास पर पत्रकारों से कहा कि नसीमुद्दीन सिद्दीकी को जल्द गिरफ्तार कर उन्हें तब तक मानसिक आरोग्यशाला में रखा जाए जब तक उनकी हालत ठीक नहीं हो जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। सांसद ने कहा कि मायावती भूल गईं कि गेस्ट हाउस कांड में भाजपा ने ही उन्हें बचाया था। दो बार उन्हें मुख्यमंत्री भी बनवाया।