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Agra News: एसडीएम की गाड़ी के आगे लेटे फरियादी, तहसील में तीन घंटे हंगामा

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गाड़ी के आगे बैठे पीड़ित परिवार से वार्ता करते एसडीएम सचिन राजपूत और पुलिस निरीक्षक स्त्रोत अमर
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आगरा। तहसील सदर परिसर में सोमवार को अवैध कब्जे के खिलाफ कार्रवाई की मांग के लिए एक फरियादी परिवार समेत एसडीएम की गाड़ी के आगे लेट गया। हंगामे से पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के हाथ-पांव फूल गए। करीब तीन घंटे अफरा-तफरी मची रही। शाहगंज थाने से फोर्स बुलानी पड़ी। एसडीएम के मौके पर जाकर जांच करने के आश्वासन के बाद ही परिवार एसडीएम की गाड़ी के सामने से हटा।
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ग्राम बाईंपुर निवासी दिव्यांग किशन सिंह बघेल, अपने भतीजे मनीष और भाई की पत्नी शारदा देवी के साथ सोमवार पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे तहसील मुख्यालय पहुंचे। आरोप लगाया कि उनके परिवार के ही एक दबंग व्यक्ति ने उनकी जमीन पर दीवार खड़ी कर अवैध कब्जा कर लिया है। सुनवाई न होने पर उन्होंने एसडीएम की गाड़ी के आगे जमीन पर धरने पर बैठ गए।
एसडीएम सचिन राजपूत ने पीड़ित परिवार को साथ ले जाकर नायब तहसीलदार और क्षेत्रीय लेखपाल की टीम के साथ मौके का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मामला पारिवारिक विवाद का निकला। एसडीएम ने बताया कि विवाद खसरा संख्या 1033 को लेकर है। राजस्व रिकॉर्ड में यह भूमि बंजर दर्ज है, लेकिन चकबंदी के आकार पत्र-41 और सजरे में इसे सामान्य आबादी दिखाया गया है। मौके पर चकबंदी के समय से ही पुराने कच्चे-पक्के मकान बने हुए हैं।
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नहीं चलेगा दबाव, कोर्ट जाएं फरियादी

एसडीएम सचिन राजपूत ने कहा कि लेखपाल की पुरानी रिपोर्ट सही थी। यह मामला पूरी तरह से निजी आवासीय संपत्ति के कब्जे का है, जिसमें राजस्व विभाग सीधे हस्तक्षेप नहीं कर सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौके पर पुराने मकान बने हैं, जो निजी संपत्ति का हिस्सा हैं, इसलिए इसका निस्तारण केवल सिविल न्यायालय (दीवानी अदालत) के माध्यम से ही संभव है। तहसील परिसर में शासकीय कार्य में बाधा डालकर दबाव बनाना उचित नहीं है। फरियादी को कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।


करेंगे आमरण अनशन
पीड़ित किशन सिंह बघेल ने कहा कि हमें न्याय नहीं मिला, तो जिलाधिकारी कार्यालय पर आमरण अनशन करेंगे। पुलिस और प्रशासन ने अवैध कब्जा करने वालों के विरुद्ध कारवाई नहीं की। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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