आगरा के शमसाबाद रोड पर पावन धाम कालोनी में तनाव का माहौल है। उर्स के समापन पर दरगाह पर सन्नाटा पसरा था। इसके खिदमतगार भी नदारद थे। पुलिस पहरे के बीच माहौल में तल्खी महसूस की जा सकती थी।
हालांकि लोग किसी विवाद में पड़ने से बचना चाहते हैं। कालोनी के लोगों का कहना है कि दरगाह के आसपास की जमीन को घेरने से ही विवाद की शुरुआत हुई।
अनियोजित तरीके से बसी शास्त्रीनगर पावन धाम कालोनी में बाबा नईम शाह (करील वाले बाबा) की दरगाह पर उर्स की अनुमति नहीं दिए जाने के बाद तनातनी के हालात बने हुए हैं।
यहां दो दिवसीय उर्स का समापन शनिवार को होना था, लेकिन विवाद के बाद उर्स नहीं हो सका। दरगाह के मुतवल्ली सत्तार भी चमरौली स्थित गांव चले गए। दरगाह पर पुलिस बल तैनात किया गया है।
कालोनी के लोगों की मानें तो दरगाह के कुछ खिदमतगारों के कारण विवाद पैदा हुआ। वह आसपास की जमीन को भी घेरना चाहते हैं, जबकि जमीन सार्वजनिक है। यहां कालोनी वाले सभी तरह के आयोजन करते रहे हैं।
आठ माह पहले विवाद की शुरुआत हुई थी। कालोनी के लोगों का कहना है कि बाहरी तत्वों ने यहां के माहौल को खराब किया है। लोगों ने बताया कि जमीन के लिए चमरौली मौजा के खसरा नंबर 55 और 56 का रिकार्ड देख लिया जाए।
इसे वक्फ की संपत्ति बता रहे हैं। अब पुलिस ने उन्हें भी पाबंद कर दिया है। यह कहां तक उचित है। वहीं दरगाह के नजदीक रहने वाली बिल्कीस बेगम ने बताया कि उनका किसी से विवाद नहीं है। कुछ लोगों की शिकायत के बाद उर्स नहीं हो सका।
दरवाजों पर चस्पा किए पाबंदी के नोटिस
पुलिस ने मुस्लिमों के साथ ही दूसरे पक्ष के भी 13 लोगों को पाबंद किया है। लीलाधर, बॉबी, उदयवीर, गुड्डू, दीपक, रामू, दिनेश, शैलू, भूपेंद्र, वीरू, नर सिंह, लोकेश को पाबंद किया है।
पाबंद किए गए लोगों का कहना है कि उन्होंने शांति भंग का नोटिस लेने से इनकार कर दिया। इस पर पुलिस ने उनके दरवाजों पर नोटिस चस्पा कर दिया।