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डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय को मिलेंगे साढ़े आठ करोड़ रुपये, आठ वर्ष चली कानूनी जंग जीती

Sat, 12 Dec 2020 12:07 AM IST
मुकेश कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

  • वाणिज्य कर विभाग ने वर्ष 2010-11 में विश्वविद्यालय का खाता कुर्क कर आठ करोड़ रुपये जब्त कर लिए थे
  • आठ वर्ष की कानूनी लड़ाई में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के पक्ष में दिया फैसला
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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विस्तार
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आगरा के डॉ.भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन को वाणिज्य कर विभाग से करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये ब्याज के साथ वापस मिलेंगे। आठ वर्ष की कानूनी लड़ाई में हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय के पक्ष में फैसला दिया है।

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विश्वविद्यालय के अधिवक्ता डॉ. अरुण दीक्षित ने बताया कि सत्र 2010-11 में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से तीन लाख प्रवेश फॉर्म की बिक्री की गई थी। एक फॉर्म की कीमत करीब तीन हजार रुपये थी। 


इस पर उत्तर प्रदेश मूल्य संवर्धित कर अधिनियम की धारा 28 के तहत तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर डॉ. भारती योगेश ने विवि की इलाहाबाद बैंक के खाते को कुर्क करते हुए करीब साढ़े आठ करोड़ रुपये वसूल लिए थे। 
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पूर्व कुलपति प्रो. डीएन जौहर ने अधिवक्ता डॉ. दीक्षित को इस मामले की जिम्मेदारी दी। वर्ष 2012 में अधिक्ता ने द्वितीय अपील दाखिल की। फैसला पक्ष में आया है। वाणिज्य कर विभाग ने विश्वविद्यालय के रुपये ब्याज के साथ वापस करने के आदेश दिए हैं। कुलपति प्रो. अशोक मित्तल ने अधिवक्ता को प्रकरण में जीत के लिए बधाई दी है।

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