उत्तर प्रदेश के आगरा में कॉमर्शियल और प्राइवेट वाहनों का प्रयोग स्कूल के बच्चों को लाने-ले जाने में किया जा रहा है। सिकंदरा-बोदला रोड पर सोमवार को बच्चों को स्कूल से लेकर लौटते समय वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इससे एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। बिना स्कूल वाहन परमिट के प्राइवेट वाहन स्कूल के बच्चों को ढो रहे हैं। उधर, संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारी लापरवाह बने हैं। स्कूली वाहन चालक और परिचालक का सत्यापन कार्य अब तक अधूरा है।
कॉमर्शियल वाहनों को आरटीओ से पांच मिनट में फिटनेस प्रमाणपत्र मिल जाता है। आरटीओ के प्राविधिक निरीक्षक (संभागीय) वाहनों की फिटनेस जांच करते हैं। इनके पास करने के लिए कोई मशीन या उपकरण नहीं होता है। वाहन को चारों ओर से देखकर उसकी फिटनेस तय कर देते हैं। इस काम में पांच मिनट लगता है। अब बिना मशीनों के कैसे वाहन की फिटनेस जांच हो सकती है। यह खेल कई साल से आरटीओ में चल रहा है।
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