सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर ताजमहल के 500 मीटर दायरे में व्यावसायिक गतिविधियां बंद करने के मामले में कारोबारियों को बड़ी राहत मिल सकती है। त्योहार पर रोजी-रोटी छिनने के विरोध में ताजगंज के व्यापारियों का एक प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिला। व्यथा सुनाई। जिसके बाद एडीए की मियाद खत्म होने से कुछ घंटे पहले प्रशासन व्यापारियों को राहत दे सकता है।
माना जा रहा है कि व्यापारियों पर अभी कार्रवाई नहीं होगी। उन्हें याचिका दाखिल करने का समय दिया जाएगा, हालांकि व्यापारियों ने छह माह का समय मांगा है। जिला अधिकारी नवनीत चहल ने संकेत दिए हैं कि दीपावली तक मोहलत मिल सकती है। शाम तक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। एडीए नगर निगम पुलिस सहित 15 विभाग की बैठक चल रही है।
सीएम के समक्ष रखे दो बिंदु
पूर्व विधायक केशो मेहरा ने बताया कि हमने सीएम के समक्ष दो बिंदु रखे। पहला समानता के अधिकार की आड़ में आजीविका का अधिकार न छिने। दूसरा आदेश को लेकर एडीए सुप्रीम कोर्ट में अपना अधिवक्ता खड़ा करे। मानना है कि एडीए की तरफ से पक्षकार नहीं होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने 26 सितंबर को यह आदेश दिया। सीएम ने अधीनस्थों को निर्देश दिए हैं। कमिश्नर से वस्तुस्थिति पर रिपोर्ट मांगी है। मुलाकात के दौरान अधिवक्ता शालिनी शर्मा, संजय अरोड़ा आदि मौजूद रहे।
मुख्य सचिव ने डीएम से मांगी रिपोर्ट
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री के आश्वासन के बाद सोमवार शाम 4 बजे ताजगंज के व्यापारियों का दूसरा प्रतिनिधिमंडल लखनऊ में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा से मिला। होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश चौहान ने 17 अक्तूबर तक नोटिस में मोहलत बढ़ाने और होटलों के विरुद्ध एडीए व अग्निशमन विभाग की कार्रवाई का विरोध किया।
मुख्य सचिव ने दिए समीक्षा के निर्देश
मुख्य सचिव ने वहां एडीए उपाध्यक्ष चर्चित गौड़ को बुला रखा था। होटलों पर कार्रवाई के मामले में सभी लोगों से तालमेल बनाते हुए सीलिंग नोटिसों की समीक्षा के निर्देश दिए। जिलाधिकारी नवनीत सिंह चहल को टेलीफोन पर ताजमहल के मामले में सभी कानूनी पहलुओं को जांचने व रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है। इस दौरान भाजपा एनजीओ प्रकोष्ठ क्षेत्रीय संयोजक दिगंबर सिंह धाकरे, उपाध्यक्ष मुनेंद्र जादौन, ताजगंज फाउंडेशन के नितिन सिंह, कर्मचारी परिषद के विकास चौहान आदि मौजूद रहे।