मैनपुरी। बेसहारा गोवंशों की संख्या में लगातार हो रही बढ़ोत्तरी से निपटने के लिए पशुपालन विभाग ने पशुओं के टैगिंग कार्यक्रम की शुरुआत की है। इससे गोवंशों की पहचान करना आसान हो जाएगा।
पशुपालन विभाग द्वारा सभी गोवंशों को एक टैग लगाया जाएगा। पशुपालन विभाग की टीम टैगिंग के दौरान गोवंश के मालिक का पूरा डाटा लेगी। इसे पशुपालन विभाग में रिकॉर्ड के रूप में रखा जाएगा। इसके बाद जब भी कोई गोवंश निराश्रित घूमता मिलेगा तो उसकी पहचान की जा सकेगी। इसके लिए कार्य शुरू भी हो गया है। जिले में कुल 86]469 गोवंशों की टैगिंग कराई जानी है। इसमें बेसहारा गोवंश भी शामिल हैं। जिन बेसहारा गोवंशों की टैगिंग होगी उनके डाटा में बेसहारा दर्ज कर उन्हें गोशाला पहुंचाया जाएगा।
इससे गोशाला से गोवंश छोड़े जाने की शिकायतों पर भी लगाम लग सकेगी। शासन के आदेश के बाद पशुपालन विभाग ने टैगिंग का काम शुरू करा दिया है। मार्च के अंत तक सभी गोवंशों की टैगिंग कराई जानी है।
टैग न लगवाने वालों पर होगी कार्रवाई
शासन के आदेश के बाद शुरू हुई गोवंशों की टैगिंग में पशुपालन विभाग को समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। दरअसल कुछ लोग टैग लगवाने में आनाकानी कर रहे हैं। ऐसे लोगों को पशुपालन विभाग द्वारा समझा बुझाकर टैग लगाया जा रहा है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि जो लोग गोवंशों को टैग नहीं लगवाएंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिले में गोवंशों की टैगिंग का कार्य किया जा रहा है। सभी लोगों से अपील है कि वे अपने पशुओं को टैग लगवाएं, इससे किसी प्रकार का कोई नुकसान नहीं है।
डॉ. प्रमोद कुमार शर्मा, सीवीओ।