डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय
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डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय प्रशासन ने संबद्ध स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम चलाने वाले कॉलेजों को शिक्षकों की स्वीकृति (अनुमोदन) प्राप्त करने के लिए 25 जून तक का समय दिया है। इसी अवधि में इन्हें विषय विशेषज्ञ मांगना है। 30 जून तक रिकार्ड विश्वविद्यालय में जमा कराना होगा। कॉलेजों को चेतावनी दी गई है कि शिक्षक स्वीकृत न होने पर उन्हें सत्र 2022-23 में छात्र-छात्राओं का प्रवेश लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव संजीव कुमार सिंह ने कॉलेजों के प्राचार्यों व सचिवों को पत्र जारी किया है। उनसे कहा है शिक्षकों की स्वीकृति प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय में तत्काल आवेदन करें। विश्वविद्यालय की ओर से 25 जून के बाद विषय विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं कराए जाएंगे। यह मान लिया जाएगा कि प्रबंधन कॉलेज के संचालन में रुचि नहीं ले रहा है। सभी कॉलेजों की संबद्धता से संबंधित मानक और संबद्धता पत्र में बताई गई कमियों को पूरा करके 30 जून तक प्रमाणपत्र विश्वविद्यालय में जमा करना है।
प्राचार्य व शिक्षक स्वीकृत न होने, प्रबंध समिति स्वीकृत न होने, संबद्धता पत्र में बताई गई कमियों को दूर न करने की स्थिति में अस्थायी संबद्धता वाले कॉलेजों को आगामी सत्र 2022-23 के लिए संबद्धता नहीं दी जाएगी। स्थायी संबद्धता वाले कॉलेजों में शिक्षकों व प्राचार्यों की स्वीकृति न होने पर छात्रों के प्रवेश के लिए लॉग इन आईडी नहीं खेली जाएगी। कॉलेज इसके लिए खुद जिम्मेदार होंगे।
300 कॉलेजों में स्वीकृत शिक्षक नहीं
विश्वविद्यालय से संबद्ध 600 कॉलेजों में से करीब 300 में स्वीकृत शिक्षक नहीं हैं। विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक प्रो. संजीव कुमार के मुताबिक स्थायी संबद्धता वाले कॉलेज करीब 350 हैं, इसमें से 50 फीसदी कॉलेजों के ही स्वीकृत शिक्षक हैं। 100 से अधिक कॉलेजों ने गत एक माह में शिक्षकों की स्वीकृति प्राप्त की है। जो कॉलेज शिक्षकों की स्वीकृति के लिए विशेषज्ञों का पैनल विश्वविद्यालय से मांग रहे हैं, उन्हें दिया जा रहा है।