कासगंज। सदर कोतवाली क्षेत्र के सिटी मोहल्ला निवासी कलेक्ट्रेट कर्मी के पुत्र ने सोमवार को खुद को गोली मार आत्महत्या कर ली। मृतक 20 वर्षीय शिवांक बीएससी का छात्र था और पिछले तीन सालों से अवसाद ग्रस्त होने के कारण उनका इलाज आगरा के मनोचिकित्सक से चल रहा था। सोमवार को गोली की आवाज सुनकर परिजन पुत्र के कमरे में पहुंचे तो वहां खून ही खून बिखरा पड़ा था। अस्पताल ले जाने पर चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना सोमवार दोपहर करीब एक बजे की है। बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र शिवांक ने घर में पहली मंजिल स्थित कमरे में माथे से सटाकर तमंचे से गोली मार ली। तेज आवाज सुनकर परिजन ऊपर कमरे की तरफ दौड़े तो सीढि़यों का दरवाजा अंदर से बंद था। किसी तरह दरवाजे को तोड़कर परिजन ऊपर कमरे में पहुंचे तो शिवांक लहुलुहान हालत में पड़ा था। आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए जिला चिकित्सालय ले गए जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना पर बदहवास पिता बृजेश कुमार यादव तुरंत घर पहुंचे। सूचना पर एसपी सौरभ दीक्षित, एसडीएम पंकज कुमार, सीओ अजीत चौहान व कोतवाली इंस्पेक्टर हरिभान सिंह राठौर मौके पर पहुंचे।
पिता ने बताया कि शिवम पिछले काफी समय से अवसादग्रस्त था। तीन वर्षों से उसका इलाज आगरा के मनोरोग चिकित्सक से चल रहा था मगर पिछले चार-पांच महीने से शिवांक ने दवाई खाना भी बंद कर दिया था। पांच भाई-बहनों में सबसे बड़े शिवांक की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
- युवक के द्वारा अपने आप को कमरे में बंद करे गोली मारकर आत्महत्या कर ली है, वह डिप्रेशन में था। उसका इलाज पिछले तीन वर्षों से आगरा में चल रहा है। परिजनों की तहरीर के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी- सौरभ दीक्षित, एसपी।
सबसे बड़ा था शिवांक
पांच भाई बहनों के परिवार में शिवांक सबसे बड़ा था। परिवार में उससे छोटी दो बहन और दो भाई हैं। शिवांक की मौत से सबका रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने बताया कि पढ़ने में मेधावी शिवांक अचानक गुमसुम रहने लगा तो वह उसे इलाज के लिए मनोचिकित्सक के पास ले गए। पता चला वह अवसाद में है, तभी से उसका इलाज चल रहा था।