मध्यप्रदेश और राजस्थान में कोल्ड्रिफ कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत के बाद फूड एंड ड्रग कंट्रोलर ने कोल्ड्रिफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी है। इसको बेचते हुए पकड़े जाने पर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त होगा। इस सिरप का स्टॉक होने पर औषधि विभाग को जानकारी देने के भी निर्देश दिए हैं।
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि कोल्ड्रिफ सिरप बैच नंबर एसआर-13, निर्माण तिथि मई 2025 को बैन कर दिया है। इसका निर्माता श्रेषन फार्मास्युटिकल्स मैन्युफैक्चरर्स बंगलूरू है। राजस्थान-मध्यप्रदेश में इसे पीने से बच्चों की मौत के बाद इसकी खरीद-बिक्री पर पाबंद लगा दी है। दवा विक्रेताओं को नोटिस भी दिए हैं, जिनको इसकी बिक्री न करने के लिए निर्देशित किया है। किसी भी विक्रेता के पास सिरप है तो इसकी जानकारी औषधि विभाग को देनी होगी, इसे नष्ट करने या फिर फेंकने की गलती कतई न करें। आगरा फार्मा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुनीत कालरा और आगरा रिटेल केमिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष ब्रह्मभट्ट ने कहा कि इस सिरप की तत्काल प्रभाव से बिक्री न करने के लिए मेडिकल स्टोर संचालकों को अवगत करा दिया गया है।
सभी कंपनियों के कफ सिरप के लिए जाएंगे नमूने
सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि कफ सिरप पीने से बच्चों की मौत को देखते हुए एहतियातन सभी कंपनियों के कफ सिरप के नमूने लिए जाएंगे। ये अभियान सोमवार से शुरू हो रहा है। लोगों से भी अपील है कि दो साल तक के शिशुओं को कफ सिरप न पिलाएं। इससे बड़े बच्चों के लिए डॉक्टरी परामर्श जरूर लें।