पारा कम होने से हड्डी, मांसपेशियों में दर्द और गठिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। एसएन मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग और फिजियोथेरेपी विभाग में बीते एक सप्ताह से डेढ़ गुना से अधिक मरीज आ रहे हैं। इनमें एड़ी, पंजे, जोड़ और कंधों में दर्द के सबसे ज्यादा मरीज हैं। स्पोर्ट्स इंजरी के मरीज पुरानी चोट के दर्द से परेशान हैं।
हड्डी रोग विभाग के डॉ. विवेक मित्तल ने बताया कि हड्डी रोग के मरीजों के लिए चार महीने ज्यादा परेशान रहेंगे। इसमें पारा कम होने के कारण रक्तसंचार कम होने से मांसपेशियों में जकड़न और सूजन हो रही है। ओपीडी में रोजाना औसतन 350 मरीज आ रहे हैं। इसमें 35 फीसदी नए और बाकी के फॉलोअप के मरीज हैं। पुराने मरीज गठिया दर्द के हैं। 50 की उम्र से अधिक के मरीजों को चलने-फिरने में दिक्कत हो रही है। देर तक बैठकर कार्य करने वाले युवा एड़ी, पंजे और कंधों में दर्द की परेशानी भी बता रहे हैं। इनमें अधिकांश खिलाड़ी और युवा हैं।
उन्होंने कहा कि कई मरीजों में पुरानी चोट का दर्द उखड़ने की परेशानी है। आगरा आर्थोपेडिक सोसाइटी के सचिव डॉ. अनुपम गुप्ता ने बताया कि ठंड के कारण जोड़ों में खून की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। गठिया के मरीज दोगुना हो गए हैं। मोटापा से पीड़ित युवाओं को भी जोड़, एड़ी और पंजों में दर्द की परेशानी बढ़ गई है। ऐसे 30 फीसदी मरीज आ रहे हैं।
फिजियोथेरेपी से मिल रहा आराम, बढ़े मरीज
एसएन मेडिकल कॉलेज के फिजियोथेेरेपिस्ट डॉ. अतुल शर्मा ने बताया कि सर्द हवा से हड्डी के पुराने दर्द भी परेशान कर रहे हैं। इसके कारण विभाग में मरीजों की संख्या दोगुना हो गई है। इनमें सबसे ज्यादा कंधे, पंजे, एड़ी, जोड़, पीठ और गर्दन के दर्द के मरीज आ रहे हैं। इनमें युवाओं की संख्या भी 30-35 फीसदी है। उन्हें घर पर व्यायाम करने और फिजियोथेरेपी की सलाह दी जा रही है।
इन बातों का रखें ध्यान:
- ठंड से बचें, खासतौर घुटनों को ढककर रखें।
- सुबह 7 बजे से 10 बजे तक धूप सेकें।
- रोजाना हाथ पैरों की व्यायाम करें, योग करें।
- बुजुर्ग बिस्तर से उठने पर वार्मअप कर ही चलें।
- डॉक्टर के परामर्श से फिजियोथेरेपी कराएं।