आगरा के थाना न्यू आगरा क्षेत्र में एक कोचिंग संचालक और उसके पिता पर छात्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। पिता-पुत्र ने फर्जी इंटरव्यू और परीक्षा आयोजित करवाकर कई छात्र-छात्राओं को सीआईएसएफ और दयालबाग यूनिवर्सिटी में नौकरी के फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिए। छात्रों से करीब 70 लाख रुपये की वसूली की गई। जब छात्रों ने अपने पैसे वापस मांगे तो उन्हें नकली एसटीएफ टीम से पिटवाया गया। पीड़िता की शिकायत पर थाना न्यू आगरा में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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मैनपुरी के शाह आलमपुर गांव निवासी प्रीति ने एसीपी हरीपर्वत अमीषा से की गई शिकायत में बताया कि वह कमला नगर के अनुराग नगर में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं। इसी दौरान उन्होंने न्यू आगरा क्षेत्र में स्थित स्टेलर कोचिंग में प्रवेश लिया। कोचिंग के संचालक राजीव कुमार ने अपने पिता कैरी सिंह, जो कथित तौर पर सीआईएसएफ में डीआईजी हैं, के प्रभाव का इस्तेमाल करने का दावा किया। राजीव ने नीशू अग्रवाल और प्रियंका कुमारी जैसे अन्य साथियों के वर्दी में फर्जी फोटो दिखाकर उन्हें अपनी कोचिंग का डायरेक्टर बताया।
आरोप है कि इन लोगों ने प्रीति और अन्य छात्र-छात्राओं को मात्र दो महीने में सीआईएसएफ या दयालबाग यूनिवर्सिटी में नौकरी लगवाने का आश्वासन दिया और इसके एवज में उनसे कई किस्तों में 5.65 लाख रुपये ले लिए। इसके बाद, उन्हें सीआईएसएफ के एक फर्जी कार्यालय में भेजा गया। एक स्कूल में परीक्षा दिलवाई गई और अंत में फर्जी ज्वाइनिंग लेटर थमा दिया गया। इस तरह, कोचिंग में पढ़ने वाले कई अन्य छात्र-छात्राओं से भी इसी तरह ठगी की गई और कुल मिलाकर लगभग 70 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई।
जब छात्र-छात्राओं ने अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने पहले 1.50 लाख रुपये का चेक दिया, जो बाउंस हो गया। इसके बाद, 14 मार्च को घटना को अंजाम दिया गया। मैनपुरी के कोसना गांव निवासी सचिन और मैनपुरी की ही निवासी शिवानी को प्रतियोगी परीक्षा का पेपर लीक कराकर देने के बहाने खंदौली टोल प्लाजा पर बुलाया गया। वहां, आरोपियों द्वारा बुलाई गई एक नकली एसटीएफ टीम ने दोनों छात्रों को बुरी तरह पीटा, जिससे उनके पैर टूट गए। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी कैरी सिंह सीआईएसएफ में कार्यरत है और यह पूरा गैंग नौकरी के नाम पर लोगों को ठगने का काम करता है।
पूर्व में भी दर्ज हो चुकी है प्राथमिकी
यह पहली बार नहीं है जब आरोपी राजीव और उसके पिता कैरी सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। इससे पहले भी न्यू आगरा थाने में इन पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि आरोपों की गहनता से जांच की जा रही है और विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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