बसंत लाल ने बताया कि उनके और पिता के नाम पर एक लाख रुपये से अधिक का ऋण रिकॉर्ड में दर्ज है। सहकारी बैंक के कर्जदाता किसानों में नौ साल पहले मृतक चंद्रभान शर्मा निवासी चिमला भी कर्जदार हैं। उनकी पुत्रवधू मुन्नी देवी पर भी 46 हजार का कर्ज है।
आनंद प्रकाश की मौत चार साल पहले हो गई, लेकिन उन्हें भी कर्जदार बताया गया है। किसानों का आरोप है कि आत्मनिर्भर सहकारी समिति के सचिव ने यह गोलमाल किया है। किसानों के रिकॉर्ड पर फर्जी तौर तरीके से धन निकासी की है।
ग्रामीणों ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री और डीएम पोर्टल के साथ एआर कोऑपरेटिव से भी की है। इस संबंध में सहकारी बैंक राया के मैनेजर अर्जुन सिंह का कहना है कि मामले की उच्चाधिकारियों को जानकारी दी जा रही है। जांच कराई जाएगी।