शुक्रवार दोपहर दो बजे खेरिया एयरपोर्ट पर उतरने के बाद योगी सीधे कोठी मीना बाजार के मैदान में पहुंचे। अधिकारियों से कहा कि व्यवस्था इस तरह से की जाए कि रैली में आने वालों को कोई परेशानी न हो। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सिकंदरा वाटर वर्क्स में गंगाजल प्रोजेक्ट के तहत किए गए काम का निरीक्षण किया।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि गंगाजल घरों तक पहुंचाने के काम में तेजी लाई जाए। शाम को सर्किट हाउस में अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के संबंध में समीक्षा बैठक की। इसमें निर्देश दिए कि नौ जनवरी को होने वाले लोकार्पण तथा शिलान्यास कार्यक्रम एवं रैली के लिए सभी तैयारियां समयपूर्व कर ली जाएं।
खेरिया में सिविल एन्क्लेव के शिलान्यास के बारे में पूछने पर पता चला कि कुछ एनओसी शेष रह गई हैं। उन्होंने कहा कि तमाम बाधाएं पूरी कर ली जाएं ताकि नौ को पीएम एन्क्लेव का शिलान्यास कर दें।
लोकार्पण और शिलान्यास के लिए तैयार की गई योजनाओं की सूची मुख्यमंत्री अपने साथ लखनऊ ले गए। कहा कि इसे फाइनल करके वापस भिजवा देंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री दो करोड़ से कम बजट की किसी योजना का शिलान्यास या लोकार्पण नहीं करेंगे।
उत्तर प्रदेश उच्च न्यायालय खंडपीठ जनमंच के प्रतिनिधि मंडल ने सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। ज्ञापन देकर आगरा में खंडपीठ की स्थापना की मांग की। प्रतिनिधि मंडल का दावा है कि सीएम ने कहा कि वह भी चाहते हैं कि आगरा में खंडपीठ बने लेकिन यह उनके हाथ में नहीं है। इसके बाद कहा कि वह खंडपीठ स्थापना के लिए प्रयास करेंगे।