मुख्यमंत्री ने कहा कि हाईवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइन और तकनीकी युक्त नए कोच बन रहे हैं। वंदे भारत, नमो भारत समेत कई आधुनिक ट्रेनें संचालित हो रही हैं। आईआईटी, आईएएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले इलाज कराने में परिवार कर्ज में डूब जाता था। अब आयुष्मान कार्ड योजना से लोगों को निशुल्क इलाज मिल रहा है।
प्रदेश में भी 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं, जल्द इनकी संख्या 10 करोड़ पहुंचने वाली है। बजट में अनुदेशक, आशा, शिक्षामित्र समेत 10 लाख लोगों को भी योजना में शामिल किया गया है। 1300 करोड़ रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष से लोगों को उपलब्ध कराए गए हैं। हर जिले में निशुल्क डायलिसिस, सीटी स्कैन हो रहा है। एसजीपीजीआई, आईआईटी कानपुर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस हैं। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में एंसेफलाइटिस से बीते 40 साल में 50 हजार मौतें हुईं। हमारी सरकार ने इसे पूरी तरह से समाप्त कर दिया। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में भारत सरकार के साथ साझा कार्यक्रम चलाया जा रहा है।
पीपीपी मॉडल पर बनेंगे सुपर स्पेशियलिटी सेंटर
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की अपनी सीमाएं हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को और बढ़ाने के लिए पीपीपी मॉडल की दरकार है। इसके लिए सुपर स्पेशियलिटी सेंटर बनाने की पॉलिसी लेकर सरकार आ रही है। जरूरत वाले जनपद में निजी संस्थाएं मेडिकल कॉलेज बनवाती हैं तो सरकार मदद करेगी। यथार्थ ग्रुप से भी मेडिकल कॉलेज खोलने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि इसमें सरकार मदद करेगी। इससे मेडिकल शिक्षा-स्वास्थ्य का स्तर बढ़ेगा।