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ताज के रंग में रंगेगा ‘ताजगंज’

Mon, 21 Sep 2015 02:12 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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 ताजमहल के आसपास के  इलाकों की सभी इमारतें अब सफेद रंग से रंगी जाएंगी। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इमारतों को रंगने का जिम्मा आगरा विकास प्राधिकरण का होगा। अमर विलास होटल की बालकनी से क्षेत्र का नजारा ले रहे मुख्यमंत्री ने यहां की तस्वीर भी कैमरे में कैद की हैं।
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रविवार सुबह नाश्ता करने के बाद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में कैबिनेट मंत्री अरिदमन सिंह, विधायक छोटे लाल वर्मा, मंडलायुक्त प्रदीप भटनागर, आईजी, डीआईजी, डीएम, डीएफओ और सपा नेता शिव कुमार राठौर, चंद्रसेन टपलू, राजपाल और हरेंद्र आदि मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजमहल के आसपास, ताज नेचर वाक और ताजगंज के मोहल्लों में विशेषकर नालों के किनारे खुशबूदार फूल और पेड़ लगाए जाएं। फूल आने पर वहां नजारा बेहतरीन होगा और खुशबू से नालियों की बदबू भी कम महसूस होगी। उन्होंने इतने पेड़ों के नाम गिनाए कि वन विभाग के अफसर भी भौचक्के रह गए। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि किसी कार्य में एनजीटी या नीरी की अड़चन है तो हमें बताएं, हम अपने स्तर से उसका हल निकालेंगे।
 बात करते-करते मुख्यमंत्री बालकनी की ओर आ गए और वहां से ताजगंज को देखा। वहां के भवनों को देखकर कहा कि सभी को एक रंग में रंगा जाए। अधिकारियों ने वही पुराने गेरुए रंग की बात की तो सीएम ने कहा कि ताजमहल के आसपास के भवनों पर सफेद रंग किया जाए। उन्होंने मंडलायुक्त को निर्देश दिए कि कलर कराने की जिम्मेदारी विकास प्राधिकरण की होगी। चंद्रसेन टपलू ने अपने क्षेत्र में 50 सबमर्सिबल और नाली, खरंजा आदि विकास कार्यों की मांग की। इस पर उन्होंने कमिश्नर को निर्देश दिए कि विकास कार्य कराए जाएं। नगला पैमा के वैकल्पिक मार्ग का मुद्दा भी उठा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा है कि ऐसे तीन विकल्प बताएं, जहां से वन विभाग की अड़चन न हो। तीनों मानचित्र उन्हें दिखाए जाएं और क्षेत्र की जनता की राय भी ली जाए।
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हॉकर्स को मिलेगी वर्दी, बनेगा जोन
ताजमहल के आसपास हैंडीक्राफ्ट के आइटम बेचकर अपने परिवारों को पाल रहे हॉकर्स की समस्या चंद्रसेन टपलू ने रखी। उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें बेवजह परेशान करती है। उन्होंने कहा कि इन्हें वर्दी दी जाए, इनका पंजीकरण हो और एक स्थान निश्चित कर दिया जाए, जहां ये सामान बेच सकें। इस पर एक अधिकारी तपाक से बोले, सर ये लपके हैं। इस पर स्पष्ट किया है कि लपके वो होते हैं जो बड़े एंपोरियम वालों के लिए पर्यटकों को बहलाकर ले जाते हैं। ये लोग हॉकर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसका प्रस्ताव बनाकर भेंजे।
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पशुपालकों को व्यवस्थित करने के निर्देश
आगरा। यमुना नदी में नहाते और सड़कों पर दौड़ते पशुओं का मामला उठा। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालकों से वार्ता कर पशुपालन उद्योग को शहर के आउटर में बसाने का काम करें। उनके स्थान चयनित करें और लीज पर उन्हें जमीन आवंटित करें, ताकि शहर में आवारा पशु न घूमें। बता दें कि इस तरह का सर्वे रैमिकी संस्था पहले कर चुकी है और आगरा विकास प्राधिकरण को यह व्यवस्था करनी थी, लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ है।
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