कासगंज के रेलवे स्टेशन पर जीएसटी टीम व रेल पुलिस के बीच होती बहस
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कासगंज। रेलवे जंक्शन पर कोलकाता-आगरा सुपरफास्ट ट्रेन से जीएसटी की चोरी करके लाए जा रहे रेडीमेड हॉजरी का माल जीएसटी टीमों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए कुल 210 नग जब्त किए गए हैं। पकड़े गए माल की कीमत अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। जीएसटी टीमों की इस कार्रवाई से कर चोरी का बड़ा खुलासा हुआ है। अभी जीएसटी टीमों द्वारा विस्तार से जांच पड़ताल की जाएगी।
जीएसटी मुख्यालय लखनऊ से ज्वाइंट कमिश्नर केके रॉय एवं जीएसटी एसआईवी के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह को कोलकाता-आगरा एक्सप्रेस में एक उच्च क्षमता पार्सल यान में माल आने की सूचना मिली। इस सूचना पर ज्वाइंट कमिश्नर एवं डिप्टी कमिश्नर ने अलीगढ़, कासगंज व एटा खंड के अधिकारियों की टीमें गठित कीं और रेलवे जंक्शन पर सुबह ही पहुंच गए। सूचना के मुताबिक ट्रेन में पार्सल यान 201733/सी लगा हुआ था। इस पार्सलयान में 210 नग माल बोरों में पैक था। यह माल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर उतरा। पार्सल यान में कासगंज के अलावा फर्रुखाबाद के रेडीमेड कारोबारियों का माल था।
यह माल उमेश कुमार निवासी कासगंज के नाम से बुक कराया था। जीएसटी एसआईवी के डिप्टी कमिश्नर पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पार्सल यान की क्षमता 240 नग की थी, लेकिन इसमें 210 नग ही थे। इन 210 में 21 नग का जीएसटी बिल था। इसके अलावा और किसी नग का कोई बिल नहीं था। डिप्टी कमिश्नर का कहना है कि सभी नग जब्त करने की कार्रवाई की गई है। अब टीम गठित करके माल खोलकर कीमत का निर्धारण किया जाएगा। इसके पश्चात कर निर्धारण की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह बड़ा मामला है कि पहली बार इस तरह से रेलवे की बोगी बुक करके माल टैक्स चोरी करके लाया गया है। उन्होंने बताया कि छापामार कार्रवाई के दौरान सहायक आयुक्त राजेंद्र कुमार, संजीव कुमार, मनोज कुमार, कृष्ण मौर्य, सुखराम वर्मा के अलावा सीटीओ पीयूष गौतम, मनीष, अजमल खां, महेश कुमार, सुधीर कुमार, राजीव कुमार व अन्य अधिकारी मौजूद रहे।