जिम ट्रेनर ने कारोबारी पर हमले की साजिश रची थी। पुलिस ने छह दिन बाद मामले का खुलासा करते हुए छह हमलावर गिरफ्तार कर लिए हैं। ट्रेनर अभी पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।
आगरा के रामबाग फ्लाईओवर के पास 20 फरवरी की रात स्क्रैप कारोबारी सौरभ अग्रवाल पर हमला बदमाशों ने नहीं किया था। हमले की साजिश एक जिम ट्रेनर ने रची थी। पुलिस ने 6 हमलावरों को गिरफ्तार किया गया है। ट्रेनर पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
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सौरभ अग्रवाल का कालिंदी विहार में स्क्रैप का कारोबार है। घटना की रात वह स्कूटर से घर लौट रहे थे। रामबाग फ्लाईओवर के पास तीन गाड़ियों पर आए आधा दर्जन युवकों ने उनका हाथ तोड़ा और सिर फोड़ दिया था। हमलावर लूटपाट करके भागे थे।
पीड़ित को लगा कि बदमाशों ने लूट के लिए हमला बोला था। एसीपी छत्ता हेमंत कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर एत्माद्दौला को टीम के साथ लगाया गया। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले। पुलिस ने दीपक, समीर, ईशान, राहुल, साहिल और विशाल को गिरफ्तार किया।
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पीड़ित हमलावरों को देखते ही पहचान गया। पूछताछ हुई तो पता चला कि हमले की साजिश जिम ट्रेनर कुलदीप ने रची थी। उसने सौरभ अग्रवाल के हाथ-पैर तोड़ने का ठेका अपने ऑटो चालक दोस्त अमन को दिया था। अमन ने पहले रेकी की थी। बाद में अपने दोस्तों को हमले के लिए भेजा था।
फर्जी आईडी से बना था हिमांशी
कुलदीप ट्रांस यमुना काॅलोनी की एक जिम में ट्रेनर है। सौरभ अग्रवाल के परिवार की एक महिला जिम जाती है। कुलदीप उन पर गलत नीयत रख रहा था। पुलिस के अनुसार कुलदीप ने पहले हिमांशी बनकर फेसबुक पर आईडी बनाई। उससे सौरभ के परिवार के सदस्यों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। सौरभ के भाई को बातों के जाल में फंसाकर चैट किया। बाद में उनकी चैट को रिश्तेदारों के साथ शेयर किया। उसने दंपती में रार कराने की कोशिश की थी। पर सौरभ ने फेसबुक पर युवती बनकर चैट कर रहे कुलदीप को भला-बुरा कहा। इसी से क्षुब्ध होकर उसने हमले की साजिश रची थी।