फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

92.19 लाख के शौचालयों में लटक रहे ताले

विज्ञापन
नवीन गल्ला मंडी गेट नंबर दो के पास बने शौचालय में लटकता ताला और फैली गंदगी - फोटो : MAINPURI
विज्ञापन
मैनपुरी। प्रधानमंत्री के स्वच्छता अभियान को नगर पालिका पलीता लगाने का कार्य कर रही है। एक वर्ष पहले नगर के विभिन्न वार्डों में 92.19 लाख रुपये की लागत से बनवाए गए सुलभ शौचालयों का बुरा हाल है। या तो शौचालयों में ताला लटक रहा है या फिर यहां गंदगी का आलम है। इससे इनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन

प्रधानमंत्री स्वच्छता अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 में नगर के विभिन्न वार्डों में नगर पालिका ने 4.39 लाख रुपये प्रति शौचालय की लागत से 21 सुलभ शौचालयों का निर्माण कराया। तत्कालीन प्रभारी मंत्री गिरीश यादव ने इन शौचालयों का वर्ष 2018 में लोकार्पण किया। जिस उद्देश्य के लिए इन शौचालयों का निर्माण कराया गया था।
उस उद्देश्य को ये शौचालय पूरा करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। नगर के शौचालयों की हालत बहुत ही नाजुक है। कुछ शौचालयों में ताला लटक रहा है तो कुछ के ताले लोगों ने तोड़ दिए हैं, जिनमें इतनी गंदगी है कि नगर में आने वाले लोग यहां बाथरूम तक नहीं जा सकते हैं।
विज्ञापन

यह था उद्देश्य
प्रधानमंत्री स्वच्छ भारत योजना के तहत इन शौचालयों का निर्माण इसलिए कराया गया था कि नगर में आने वाले लोग और नगर में रहने वाले वे लोग जिनके पास शौचालय की व्यवस्था नहीं है शौच और बाथरूम के लिए खुले में न जाएं, लेकिन नगर पालिका की अनदेखी के कारण इन शौचालयों का लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।
सीन एक- महमूदनगर
यहां बना सुलभ शौचालय खुला हुआ था। लेकिन शौचालय में इतनी गंदगी थी कि यहां कोई बाथरूम तक नहीं जा सकता। पास में ही बने केयर टेकर कक्ष में कोई नहीं था। यहां भी गंदगी पड़ी हुई थी।
सीन दो- राजकीय इंटर कॉलेज के पास
यहां बने सुलभ शौचालय में ताला लटक रहा था। शौचालय के बाहर गदंगी थी। कुछ लोगों ने यहां बांस की टटिया आदि लगा रखी हैं। इस शौचालय का भी लोग उपयोग नहीं कर पा रहे हैं।
सीन तीन -नवीन गल्ला मंडी गेट नंबर एक
यहां सुलभ शौचालय में ताला लटका रहता है। शौचालय के बाहर ही गंदगी फैली हुई थी। जिससे लग रहा है कि इसका कभी इस्तेमाल नहीं किया गया है। यहां आने वाले लोग खुले में शौच व बाथरूम जाने को मजबूर हैं।
सीन चार- नवीन गल्ला मंडी गेट नंबर दो
यहां शौचालय के किबाड़ खुले हुए थे। शौचालय में गदंगी थी। केयर टेकर के रूप में ताला लटक रहा था। शौचालय में इतनी गंदगी थी कि कोई बाथरूम के लिए भी नहीं जा सकता है। यहां लोग खुले में शौच करते हैं। जिससे मंडी के बगल बाली गली से निकलना तक मुश्किल है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें