दो घंटे की झमाझम बारिश में लोगों ने भले ही घरों की छताें पर जमकर मस्ती की हो, लेकिन शहर की सड़कों पर आते ही उन्हें जलभराव से दो-चार होना पड़ा। बता दें कि नगर निगम कागज में जरूर तली झाड़ नाला सफाई कर देता है लेकिन हकीकत ये है कि थोड़ी हो या ज्यादा हर बार की बारिश में लोगाें को इस मुसीबत से जूझना पड़ता है। मानसून है, तो कल्पना कीजिए दिन-रात बारिश होगी तब शहर का हाल क्या होगा।
शनिवार को सबसे ज्यादा परेशानी बड़े नालों के आस-पास रहने वालों को उठानी पड़ी। महावीर नाला उफन गया। इससे घरों और दुकानों में पानी घुस आया। मंटोला नाला और अलबतिया रोड के आस-पास जलभराव हो गया। लोग देर शाम तक घरों और दुकानों से गंदा पानी निकालते रहे। सूरसदन चौराहा पूरी तरह जलमग्न था। दीवानी और सेंट जोंस चौराहा, राजा की मंडी में भी पानी भर गया। मुख्य मार्गों पर जलभराव की वजह से एमजी रोड पर जाम लगने लगा।
यहां घंटों भरा रहा पानी
बिजली घर चौराहा, मारुति एस्टेट, आवास विकास, तोता का ताल, आजम पाड़ा, सुभाष नगर, बिल्लोचपुरा, शास्त्रीपुरम, राम नगर, बेसन बस्ती, गैलाना, खंदारी, लोहामंडी रोड, खटीकपाड़ा, सदरभट्टी, पृथ्वीनाथ मंदिर, अजीत नगर गेट, कैलाशपुरी, नगला पदी, न्यू राजामंडी, अशोक नगर, मुगल रोड, कमला नगर, बल्केश्वर, वाटर वर्क्स, विजय नगर, जीवनी मंडी, ताजगंज, नूरी दरवाजा, अवधपुरी आदि।
यहां रात तक भरा रहा पानी
यमुनापार के सती नगर, इस्लाम नगर, महावीर नगर, शाहदरा और दौरेठा रोड, अलबतिया रोड, नौबस्ता, बल्केश्वर स्थित राधा नगर, वाटरवर्क्स स्थित लाल मस्जिद में रात तक पानी भरा रहा।