क्लैट की परीक्षा देने के बाद केंद्र से बाहर निकलते अभ्यर्थी। संवाद
रुनकता(आगरा)। देश के 26 राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालयों में प्रवेश के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट) रविवार को आयोजित की गई। दो घंटे की इस परीक्षा में 12वीं में अध्ययनरत और 12वीं उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। तार्किक सवालों में ज्यादातर अभ्यर्थी उलझे और उनका ज्यादा समय इन प्रश्नों को हल करने में लगा।
परीक्षा एक ही पाली दोपहर 2 से 4 बजे तक हुई। अरसैना स्थित शारदा यूनिवर्सिटी को इस बार परीक्षा केंद्र बनाया गया था। केंद्र स्टाफ अमिताभ के अनुसार कुल 1069 परीक्षार्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसमें 831 यूजी और 138 पीजी प्रोग्राम के विद्यार्थी शामिल थे। क्लैट की तैयारी कराने वाले सुमती ने बताया कि पूर्व के अनुरूप परीक्षा ठीक रही। हालांकि रीजनिंग का पार्ट काफी कठिन रहा। पेपर के क्रम में भी बदलाव रहा। 120 प्रश्न के पेपर में सही हल करने में ज्यादा ध्यान देना होता है बजाय तुक्के के। नेगेटिव मार्किंग 0.25 अंक की है।
क्या बोले अथ्यर्थी
रीजनिंग ने काफी उलझाया
सामान्य ज्ञान आसान रहा। गणित में भी ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। रीजनिंग ने काफी उलझाया। ओवरऑल पेपर मध्यम था। सभी भागों में प्रश्न सीधे और सटीक रहे। - दिव्यांका गोयल, अभ्यर्थी
बदला रहा क्रम
लॉजिकल रीजनिंग काफी कठिन रही। लीगल में भी सवाल मध्यम रहे। पूर्व के हिसाब से परीक्षा में क्रम (सीक्वेंस) भी बदला था। गणित में रेशियो आधारित प्रश्न सरल रहे। - लक्षिता सेंगर, अथ्यर्थी
अंग्रेजी सरल रहा
पूर्व के अनुरूप रीजनिंग काफी कठिन लगा। लीगल के प्रश्नों में एमेंडमेंट आदि के प्रश्न कठिन रहे। अंग्रेजी में पैसेज सरल रहा। करंट अफेयर का भाग भी सरल रहा। - सारांश अग्रवाल, अभ्यर्थी
पाठ्यक्रम से बाहर के थे सवाल
एनालिटिकल रीजनिंग के सवाल पाठ्यक्रम के बाहर से आए थे। लॉजिकल के काफी कम प्रश्न पूछे गए। अन्य विषय से जुड़े प्रश्नों में इतनी कठिनाई नहीं हुई। पेपर मध्यम रहा। - अकाशी माहेश्वरी