फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना वायरस को 19 वर्ष पहले से पढ़ रहे 12वीं के विद्यार्थी

Mon, 23 Mar 2020 12:53 PM IST
Abhishek Saxena न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा

सार

वर्ष 2001 से यह पाठ्यक्रम में शामिल है। 
विज्ञापन
'आधुनिक जंतु विज्ञान' में इस वायरस का जिक्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

यूपी बोर्ड के कक्षा 12 के विद्यार्थी करीब 19 वर्ष पहले से कोरोना वायरस को पढ़ रहे हैं। रमेश गुप्ता की विज्ञान विषय की पुस्तक 'आधुनिक जंतु विज्ञान' में इस वायरस का जिक्र है। किताब में वायरस के इलाज के संबंध में भी जानकारी दी गई है।
विज्ञापन

 
एनसी वैदिक इंटर कॉलेज के जीव विज्ञान विषय के प्रवक्ता केपी सिंह के मुताबिक कोरोना वायरस, रहीनो वायरस की ही प्रजाति है। इनके लक्षण समान हैं। यह मौसम में बदलाव के समय और सर्दियों में होता है।

नासाकोश में कड़ापन, नाक बहना, छींकना, गले में खराश आदि इससे पीड़ित होने के लक्षण हैं। इन दोनों वायरस में फेफड़े संक्रमित होतेे हैं और इस रोग के उपचार के लिए एस्पिरिन, एंटीहिस्टेमीन, नेजल स्प्रे आदि लाभप्रद हैं। ऐसा रमेश गुप्ता की आधुनिक जंतु विज्ञान पुस्तक में दिया गया है। वर्ष 2001 से यह
विज्ञापन

पाठ्यक्रम में शामिल है। 
Trending Videos
विज्ञापन

एमडी जैन इंटर कॉलेज के जीव विज्ञान विषय के शिक्षक डॉ. अमित कुमार सिंह का कहना है कि कोरोना वायरस विज्ञान में नया नहीं है। कक्षा 12 की विज्ञान की पुस्तक में इसका जिक्र है।

कोविड-19 इसी फेमिली का वायरस है, लेकिन यह ज्यादा खतरनाक है। इस फैमिली के बाकी वायरस की अपेक्षा 10 गुना तेजी से फैलता है। सामाजिक दूरी ही इस वायरस से बचाव का सबसे बढ़िया उपाय है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें