आगरा जनपद के थाना सदर के शांति नगर में बृहस्पतिवार सुबह 15 वर्षीय किशोरी का शव घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में फांसी पर लटका मिला। पुलिस का कहना है कि कमरे से चार पेज का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें किशोरी ने आत्महत्या की बात कही है। इसके लिए उसने अपने पिता, दो चाचा और एक चचेरे भाई को जिम्मेदार ठहराया है।
देवरी रोड स्थित शांति नगर निवासी अमर सिंह सब्जी का व्यापार करते हैं। पुलिस के मुताबिक, उन्होंने दो शादी की थी। पहली पत्नी की मौत हो गई थी। दूसरी पत्नी गीता है। उससे तीन बच्चे थे।
सबसे बड़ी बेटी दसवीं की पढ़ाई कर रही थी। बृहस्पतिवार की सुबह सबसे बड़ी बेटी का शव घर की दूसरी मंजिल पर बने कमरे में पंखे के कुंदे से फांसी पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
थाना सदर के प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि किशोरी ने जिस कमरे में फांसी लगाई, उस कमरे में चार पेज का सुसाइड नोट एक तमंचे के नीचे रखा मिला। इसमें किशोरी ने अपने पिता, दो चाचा और एक चचेरे भाई पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। मृतका की मां गीता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। तमंचा किसका है, यह जांच का विषय है।
मां, भाई और बहन की हत्या के लिए दी थी बंदूक
निरीक्षक कमलेश कुमार ने बताया कि सुसाइड नोट में लिखा है कि पिता अमर सिंह, चाचा रामवीर, जगदीश और रामवीर का बेटा राहुल मेरा और मां को प्रताड़ित करते थे। वह कहते थे कि या तो यहां से चले जाओ या फिर वो करो जो हम कहते हैं।
मां, भाई और बहन को भी मारते थे। चारों को कड़ी सजा दी जाए। मां ने कई बार केस दर्ज कराया, लेकिन पिता हर बार बच निकलते हैं। चाचा जगदीश ने एक बंदूक दी और कहा था कि तू अपने भाई, बहन और मां को मार दे। आज गोलियां देने वाले थे। इस कारण मैं आत्महत्या कर रही हूं। अगर, मैं ऐसा नहीं करती तो वह मुझे परेशान करते। तेजाब फेंकने की धमकी दे रहे थे।
मेरा सपना था पुलिस में भर्ती होना
एक पेज पर लिखा कि मुझे जीना है। मेरा सपना था कि पुलिस की नौकरी करूं। ताकि अपनी मां, भाई और बहन को इंसाफ दिला सकूं। मां मुझे माफ कर देना मैं जा रही हूं। हमेशा के लिए। यह पीएम नरेंद्र मोदी और सीएम योगी आदित्यनाथ को भी भेज रही हूं। इन लोगों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।