कासगंज। जिले में जल शक्ति अभियान के कार्य की समीक्षा के लिए भारत सरकार द्वारा भेजे गए जिले के नोडल अधिकारी उपसचिव मत्स्य राकेश कुमार एवं वैज्ञानिक सत्यजीत राय ने कलक्ट्रेट पर समीक्षा की। समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि बारिश का पानी यूं ही बहकर बेकार न चला जाए। इसका संचय जरूरी है। उन्होंने जिले के अधिकारियों से लोगों को जल संचय के लिए जागरूक करने को प्रभावी अभियान चलाने की जरूरत बताई।
सीडीओ डा. दिनेश कुमार सिंह ने जल संरक्षण की दिशा में जिले में संचालित कार्यों की जानकारी दी। बताया कि जिले में 68 तालाब खोदवाने का लक्ष्य है। इसमें 35 तालाबों का कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष 33 तालाबों पर कार्य प्रगति पर है। बताया गया कि 1023 नाले, ड्रैन एवं शॉकपिट बनाने का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें 389 कार्य किए जा चुके हैं। कलक्ट्रेट, नवोदय, एसपी कार्यालय भवन, जिला चिकित्सालय, तहसील सहावर भवन में जल निगम के द्वारा तीन ग्राउंड वॉटर रीचार्ज यूनिट स्थापित की गई हैं। नोडल अधिकारी ने फर्रुखाबाद ब्रांच माइनर के गोरहा पुल, नदरई झाल का पुल, बूढ़ी गंगा क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान एडीएम योगेंद्र कुमार सहित विकास विभाग, वन विभाग, शिक्षा विभाग, जल निगम, लोक निर्माण सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
प्रत्येक सरकारी भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम हो स्थापित
कासगंज। नोडल अधिकारी ने जिला प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल संरक्षण के लिए प्रत्येक सरकारी भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगा होना चाहिए। पानी के मौजूदा स्रोतों को पुनर्जीवित करें। बारिश के पानी को नालियों के माध्यम से गड्ढों और तालाबों में एकत्रित किया जाए।
पौधरोपण की योजना पर जताई खुशी
कासगंज। जिले में 15 अगस्त को 16 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। इसमें 25 प्रतिशत फलदार पौधे होंगे। साथ ही 11 हजार सहजन के पौधे लगाए जाएंगे। बूढ़ी गंगा के किनारे सघन पौधरोपण किया जाएगा। फोरलेन के रास्ते में आने वाले 18 पीपल के पेड़ काटने के स्थान पर दूसरे स्थान पर प्रत्यारोपित करने की जानकारी पर नोडल अधिकारी ने खुशी जताई।