मैनपुरी। सात माह से ठप पड़े पंचायत उद्योग को संजीवनी मिलने के साथ ही रोजगार की उम्मीद भी नजर आने लगी है। जल्द ही पंचायत उद्योग में सेनेटरी पैड का उत्पादन शुरू होगा। इसके लिए मुख्य विकास अधिकारी ने विभागों के अधिकारियों को पत्र जारी कर दिया है।
आगरा रोड पर पंचायत राज विभाग द्वारा संचालित पंचायत उद्योग में सेनेटरी पैड बनाने का काम शुरू किया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग, प्रोबेशन विभाग, स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य कई विभागों द्वारा सेनेटरी पैड खरीदे जाते थे। पंचायत उद्योग से ही उन्हें आपूर्ति होती थी। लेकिन मांग न होने के चलते जून 2019 में पंचायत उद्योग बंद हो गया है। इससे यहां काम करने वाली 24 महिलाओं का रोजगार भी छिन गया। लेकिन अब फिर एक बार इसके संचालन के आदेश दिए गए हैं। मुख्य विकास अधिकारी नगेंद्र शर्मा ने सेनेटरी पैड की मांग के लिए विभागों को पत्र लिखा है। इसमें उन्हें सभी विभागों के अधिकारियों को सेनेटरी पैड की मांग भेजने के आदेश दिए हैं। मांग आने के बाद जल्द ही पंचायत उद्योग में काम शुरू हो जाएगा।
चार साल पहले हुई थी शुरुआत
वर्ष 2015 में पंचायत उद्योग की शुरुआत की गई थी। इसका उद्देश्य एक ओर जहां सेनेटरी पैड के माध्यम से बीमारियों को कम करना था तो वहीं महिलाओं को रोजागार दिलाना भी। पंचायत राज विभाग ने लंबे समय तक इसका सफलता पूर्वक संचालन किया। लेकिन सात माह से यहां काम ठप पड़ा हुआ था।
बाजार से कम मूल्य पर उपलब्ध कराए जाते हैं पैड
पंचायत उद्योग द्वारा बनाए गए सेनेटरी पैड बाजार की अपेक्षा आधे मूल्य पर ही उपलब्ध कराए जाते हैं। कंपनियां जहां अपने कमीशन के साथ ही डिस्ट्रीब्यूटर, होल सैलर और रिटेलर का कमीशन लगाती हैं तो वहीं पंचायत उद्योग केवल लागत मूल्य पर इनकी बिक्री करता है।
इन विभागों को भेजा पत्र
-मुख्य चिकित्साधिकारी
-जिला विद्यालय निरीक्षक
-जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
-अधीक्षक जिला कारागार
-जिला प्रोबेशन अधिकारी
-जिला पूर्ति अधिकारी
वर्जन
पंचायत उद्योग से सेनेटरी पैड की मांग के लिए विभागों को पत्र लिखा गया है। मांग आने के बाद पंचायत उद्योग में उत्पादन शुरू होगा, इससे महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
नगेंद्र शर्मा, मुख्य विकास अधिकारी।