करहल के गांव मोहब्बतपुर में घर में बनी कब्र
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करहल। तहसील क्षेत्र के ग्राम मोहब्बतपुर में कोई कब्रिस्तान नहीं है। मुस्लिम समुदाय के सामने शव दफनाने की गंभीर समस्या पैदा हो गई है। मुस्लिम समाज के लोगों ने ग्रामसभा की जमीन पर ही कब्रिस्तान के लिए जमीन आरक्षित कराने की मांग की है।
गांव मोहब्बतपुर में मुस्लिमों की मंसूरी और फकीर बिरादरी रहती हैं। गांव में इनके 50 मकान हैं। मंसूरी बिरादरी के 18 और फकीर समुदाय के 20 घर हैं। लंबे समय से दोनों बिरादरी के लोगों ने घरों के आसपास के खाली स्थानों पर कब्रिस्तान के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया। कब्रिस्तान की कोई निश्चित जगह आवंटित नहीं हुई।
गांव में आबादी बढ़ने पर घर बनते चले गए। कब्रिस्तान की जगह कम होती चली गई। शवों को दफन करने के लिए जगह तक मिलना मुश्किल हो गई है। कई मकानों की चाहरदीवारी में ही अब कब्रों को स्थान दिया जा रहा है। ग्रामवासी निसार अली, फकीर अली, इसमाइल खां, नूरउद्दीन, शहजादे खां, फजले नवी ने डीएम से ग्रामसभा की जमीन पर ही कब्रिस्तान के लिए जगह आरक्षित कराने की मांग की है।
विधायक ने लिखा पत्र
विधायक किशनी ब्रजेश कठेरिया ने डीएम को पत्र लिखा है। पत्र में कहा है करहल के ग्राम मोहब्बतपुर में मुस्लिम समुदाय के पास कब्रिस्तान के लिए जगह नहीं है। मकान की चाहरदीवारी के अंदर ही लोग शव दफनाने को मजबूर हैं। विधायक ने ग्रामसभा की जमीन पर ही कब्रिस्तान के लिए जमीन आरक्षित कराने की मांग की है।