मैनपुरी। थाना कोतवाली क्षेत्र में आठ साल पहले दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर पत्नी की जहर देकर हत्या करने केे आरोपी पति को दस साल की सजा सुनाई गई है। उसको सात हजार रुपये का जुर्माना भी देना होगा।
थाना करहल के अंडनी निवासी अरुण त्रिवेदी ने अपनी बहन कल्पना उर्फ पूनम की शादी वर्ष 2008 में राजेश दुबे निवासी आवास विकास कॉलोनी थाना कोतवाली के साथ की थी।
शादी के बाद दहेज में ऑल्टो कार और सोने की जंजीर की मांग को लेकर उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया गया। अरुण ने पंचायत की, लेकिन राजेश दहेज की जिद पर अड़ा रहा। दहेज की मांग पूरी नहीं होने पर राजेश ने कल्पना की जहर देकर हत्या कर दी। जानकारी होने पर चार मार्च 2011 को अरुण ने कोतवाली में राजेश के खिलाफ दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज करा दी।
पुलिस ने राजेश को बंदी बनाकर जेल भेज दिया। जांच करने के बाद पुलिस ने चार्जशीट मुकदमे की सुनवाई के लिए कोर्ट में भेज दी। मुकदमे की सुनवाई एफटीसी जज शक्ति सिंह की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक सहित गवाहों ने दहेज हत्या के समर्थन में गवाही दी।
गवाही के आधार पर राजेश को पत्नी की हत्या का दोषी पाया गया। एडीजीसी अनूप कुमार यादव, मुकुल रायजादा ने आरोपी को कड़ी सजा देने की दलील दी। एफटीसी जज ने राजेश को दस साल की सजा सुनाई है। उस पर सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
जेल में रहकर लड़ा पूरा मुकदमा
कल्पना की हत्या के बाद पुलिस ने राजेश को जेल भेज दिया। उसकी किसी भी कोर्ट से जमानत मंजूर नहीं हो सकी। उसको पूरा मुकदमा जेल में रहकर ही लड़ना पड़ा। बुधवार को सजा सुनाने के लिए उसको जेल से कोर्ट लाया गया। सजा सुनाए जाने के बाद उसको जेल भेज दिया गया।