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भू-स्वामित्व योजना में 8623 मकान स्वामियों को मिलेगा प्रमाणपत्र

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मैनपुरी। शासन की महत्वाकांक्षी ग्रामीण भू-स्वामित्व योजना में जिलेभर में 8623 लोगों को उनके मकान का स्वामित्व प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इसके लिए राजस्व विभाग सर्वे कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा। साथ ही आबादी क्षेत्र का ड्रोन के माध्यम से नक्शा भी तैयार किया जाएगा।
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भू-स्वामित्व योजना के तहत चलाए गए अभियान में आबादी के स्वामित्व की जांच लेखपालों से कराई गई है। लेखपालों ने ग्रामीण इलाकों में आवासीय जमीन का मालिकाना हक, मकान के स्वामित्व सबंधी प्रमाणपत्र जारी करने की योजना के तहत गांव-गंाव जाकर ऐसे मकान चिह्नित किए हैं, जो आबादी की जमीन पर बनाए गए हैं।
इन मकानों में लोग लंबे समय से रह रहे हैं, लेकिन उनके पास मकान के स्वामित्व संबंधी कोई कागज नहीं हैं। इसके चलते आबादी की जमीन पर बनाए गए मकान के स्वामित्व को लेकर हुए विवाद में स्वामित्व का हक तय नहीं हो पाता है। योजना के तहत राजस्व विभाग द्वारा किए गए सर्वे के प्रथम चरण में 8623 मकान चिह्नित किए गए हैं। इन्हें जल्द ही मालिकाना हक का प्रमाणपत्र देने के साथ ही नक्शा भी बनेगा।
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संपत्ति का बनेगा रिकॉर्ड
योजना के तहत संपत्ति का रिकॉर्ड बनाया जाएगा। उसका स्वामित्व भी पारदर्शी रूप से तैयार किया जाएगा। पात्रता के आधार पर स्वामित्व प्रमाणपत्र जारी किए जाएंगे। योजना से लाभ पाने के बाद ग्रामीणों को अपने आवास के सबंध में किसी रिकॉर्ड की जरूरत नहीं होगी और उनको अपनी संपत्ति पर सीधे स्वामित्व का अधिकार मिल जाएगा।
जमीन की भी होगी पहचान
लेखपालों द्वारा की गई जांच के बाद ग्राम सभा में आबादी और सुरक्षित की गई जमीन की भी पहचान हो जाएगी। जिन लोगों ने सुरक्षित जमीनों पर मकान बना लिए हैं, उनकी पहचान करके उनके खिलाफ भूमाफिया के तहत कार्रवाई करने के साथ ही सुरक्षित जमीन से कब्जा हटवाया जाएगा।
- स्वामित्व योजना के तहत लेखपालों ने मकान चिह्नित किए हैं। सुरक्षित जमीनों पर बनाए गए मकानों की भी पहचान कर ली गई है। पात्रों को योजना के तहत प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। जबकि सुरक्षित जमीनों पर मकान बनाने वालों के खिलाफ भूमाफिया के तहत कार्रवाई की जाएगी। - बी. राम, एडीएम।
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