मैनपुरी। जिस विभाग में वे अधिकारी रहे, उस विभाग के लोग ही उनकी बात को नहीं सुन रहे हैं। सेवानिवृत्त उप बेसिक शिक्षाधिकारी की सर्विस बुक आठ साल से गायब है। एक बार फिर उन्होंने बीएसए कार्यालय पहुंचकर बीएसए से सर्विस बुक का पता लगाने के लिए प्रार्थनापत्र दिया है।
20 साल पहले बेसिक शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए सेवानिवृत्त उप बेसिक शिक्षाधिकारी रामप्रसाद आठ साल से अपनी सर्विसबुक के लिए बीएसए कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। शुक्रवार को बीएसए कार्यालय पहुंचे पूर्व डिप्टी बीएसए रामप्रसाद ने कहा कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता है। उनकी सर्विस बुक का पता नहीं है। यदि उनकी मौत हो जाती है तो उनके परिजनों को कोई लाभ नहीं मिल सकेगा। उन्होंने बीएसए को प्रार्थना पत्र देकर अपनी सर्विस बुक का पता लगाने का कहा। पूर्व डिप्टी बीएसए ने बताया कि वर्ष 2012 में जब उनकी पेंशन में बढ़ोत्तरी हुई थी उस समय भी उनकी सर्विस बुक नहीं मिली थी। तब से वह कई बार बीएसए कार्यालय में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं लेकिन उनकी सर्विस बुक का कोई पता नहीं चल पा रहा है।
सेवानिवृत्त उप बेसिक शिक्षाधिकारी उनके पास पहली बार सर्विसबुक के लिए आए थे। संबंधित लिपिकों को निर्देश दिए गए हैं कि उनकी सर्विस बुक का पता लगाया जाए।
विजय प्रताप सिंह, बीएसए