16एमएनपी-33-मुख्य विकास अधिकारी ईशा प्रिया
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मैनपुरी। पंचायत राज विभाग की लापरवाही की वजह से ‘गांव-गांव मॉडल पार्क’ का सपना फाइलों में गुम हो गया। जिलाधिकारी के आदेश के बाद भी ग्राम पंचायतों में भूमि का चयन नहीं किया गया।
शासन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर ‘गांव-गांव मॉडल पार्क’ और ओपन जिम विकसित कराने के आदेश दिए थे। इस पर जिलाधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने जनवरी में जिले की सभी 552 ग्राम पंचायतों में भूमि का चयन कर मॉडल पार्क विकसित करने और ओपन जिम के लिए आदेश जारी किया था। ये कार्य पंचायत राज विभाग से कराया जाना था, इसके लिए अनुश्रवण की जिम्मेदारी भी जिला पंचायत राज अधिकारी को सौंपी गई थी। जिलाधिकारी द्वारा जारी पत्र में सात दिन में भूमि का चयन कर कार्य शुरू करने के लिए आदेशित किया गया था। छह माह बीतने पर भी कहीं भी कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
अभी तक नहीं हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी के आदेश में साफ था कि भूमि के चयन से लेकर कार्य तक सभी जानकारी पंचायत राज विभाग को उपलब्ध कराई जानी है। जिला पंचायत राज अधिकारी को भी निगरानी के निर्देश दिए गए थे। कार्य ग्राम पंचायत से होना था ऐसे में खुद ही पंचायत राज विभाग ही इसमें सर्वे-सर्वा था। इसके बाद भी न तो ग्राम पंचायतों को कोई अनुस्मारक जारी किया गया और न ही कोई कार्रवाई गई। इसके लिए पंचायत राज विभाग भी दोषी है।
ग्राम पंचायतों में मॉडल पार्क और जिम विकसित करने के लिए कहां लापरवाही हुई, इसकी जानकारी की जाएगी। जो भी दोषी होगा कार्रवाई करने के साथ ही कार्य कराया जाएगा।
ईशा प्रिया, मुख्य विकास अधिकारी।