मैनपुरी। पंचायत राज विभाग की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों का भुगतना पड़ सकता है। ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं का बकाया बिल जमा न करने पर बिजली विभाग ने कनेक्शन काटने के लिए नोटिस जारी कर दिया है। 31 जुलाई तक भुगतान न होने पर कनेक्शन काट दिया जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए शासन ने पेयजल परियोजनाओं की स्थापना की। जिले की 22 ग्राम पंचायतों में संचालित पेयजल परियोजनाओं का करीब दो साल से बिजली ही जमा नहीं किया गया। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के तहत आने वाली आठ परियोजनाओं पर जहां 31.73 लाख रुपये का बिल बकाया है तो विद्युत वितरण खंड तृतीय के तहत आने वाली 14 पेयजल परियोजनाओं पर 36.56 लाख रुपये का। कुल 22 परियोजनाओं पर कुल 68.29 लाख का बिल बकाया है। लगातार पत्र भेजने के बाद भी जब बिल जमा नहीं हुआ तो अब बिजली विभाग ने विच्छेदन का आखिरी नोटिस जारी कर दिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि 31 जुलाई तक भुगतान न होने पर सभी पेयजल परियोजनाओं के कनेक्शन काट दिए जाएंगे। इससे गांवों में पेयजल आपूर्ति ठप होना तय है। इसकी पूरी जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की ही होगी।
दस हजार परिवार होंगे प्रभावित
ग्राम पंचायतों में संचालित 22 पेयजल परियोजनाओं के बंद हो जाने से लगभग दस हजार परिवार प्रभावित होंगे। इन लोगों के लिए पीने के पानी का भी संकट खड़ा हो जाएगा। पंचायत राज विभाग की लापरवाही का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ेगा।
इन क्षेत्रों में ठप होगी पेयजल आपूर्ति
बिल जमा न करने वाली 22 ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं में बरनाहल, कोसमा हिनूद, कोसमा मुसलमीन, नौनेर, अकबरपुर औंछा, चीतई, मदन, छाछा, जोत, किशनी और पुडऱी शामिल हैं। इन परियोजनाओं में किसी परियोजना के दो तो किसी के तीन विद्युत कनेक्शन स्वीकृत हैं।
ग्रामीण पेयजल परियोजनाओं पर लंबे समय से बिजली बिल की बकाएदारी चल रही है। पंचायत राज विभाग को कई बार सूचित भी किया गया। अब बिजली बिल जमा कराने के लिए 31 जुलाई तक का मौका दिया गया है। इसके बाद विभाग के सामने कनेक्शन काटने के अलावा कोई चारा नहीं होगा।
जीसीएल भटनागर, अधिशासी अभियंता विद्युत खंड तृतीय।