एटा। जिले में संचालित मदरसों में वजीफे के खेल पर अंकुश लगाने की तैयारी कर ली गई है। अब मदरसों में पंजीकृत छात्र संख्या और शिक्षकों का ब्योरा जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में उपलब्ध कराना होगा। साथ ही गेट पर मदरसा का नाम लिखवाने के निर्देश दिए गए हैं।
जिले में 58 मदरसे संचालित है। सूत्रों की मानें तो इनमें वजीफा का खेल किया जाता है। अभी तक मदरसा संचालक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग को कोई शिक्षकों व छात्रों का ब्योरा उपलब्ध नहीं कराते थे। अब इस पर अंकुश लगाने की तैयारी कर ली गई है। जिला अल्पसंख्यक अधिकारी ने मदरसा संचालकों और प्रधानाचार्यों को पत्र जारी कर कहा कि उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद से मान्यता प्राप्त और पंजीकृत मदरसे अपना रिकार्ड अल्प संख्यक कल्याण विभाग में उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। उन्होंने मदरसे में अध्ययनरत छात्र छात्राओं की संख्या व शिक्षकों का विवरण प्रत्येक माह के प्रथम सप्ताह में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए है। साथ ही गेट के बाहर दीवार पर मदरसा का नाम लिखाने को कहा है।