कासगंज/सोरों/गंजडुंडवारा। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान सिंचाई के संकट से जूझ रहे हैं। नहरों में पानी नहीं है। इस वजह से किसान परेशान हैं। वहीं राजकीय नलकूप कई ग्रामीण इलाकों में खराब पड़े हैं जो लंबे समय से खराब हैं। उनको सही करने को नलकूप विभाग उदासीन बना हुआ है। किसानों को सिंचाई के संकट का सामना करना पड़ रहा है।
सोरों इलाके के फतेहपुर ग्राम पंचायत के गांव पटकियां में सरकारी नलकूप संख्या 176 पिछले दो माह से खराब पड़ा है। नलकूप की मोटर फुकी हुई है जो अभी तक सही नहीं हुई है। नगरिया के ग्राम दीपपुर में राजकीय नलकूप संख्या 148 दो वर्ष से खराब पड़ा है। बार-बार किसानों की शिकायत के बावजूद इन नलकूपों को नलकूप विभाग ने सही नहीं कराया है।
गंजडुंडवारा इलाके में भी तमाम नलकूप खराब पड़े हैं। नलकूप खराब रहने के कारण किसानों को निजी नलकूपों से सिंचाई करनी पड़ती है जो महंगी पड़ती है। ग्राम पंचायत म्यूनी के ग्रामीण नरेश चंद्र शाक्य का कहना है कि उनके गांव का नलकूप पिछले 12 सालों से खराब पड़ा है। चार वर्ष पूर्व यह गिरकर धराशायी हो गया। नलकूप के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं।
इसी गांव के अमर सिंह कहते हैं कि यदि नलकूप सही हो जाए तो किसानों को बड़ी राहत मिल जाएगी। जघईपुर का राजकीय नलकूप भी एक वर्ष से खराब है। गांव के अनार सिंह का कहना है कि यह नलकूप अभी तक सहीं नीं कराया गया है। गांव छितरा पर नलकूप संख्या 207 बंद पड़ा है। ग्राम लखापुर का भी नलकूप बंद है। जिसका ट्रांसफार्मर खराब है। ग्रामीण बालकराम यादव का कहना है कि यह दोनों नलकूप 6 महीने से खराब हैं।
क्या बोले किसान-
- नलकूप विभाग किसानों की सिंचाई की समस्या पर आंखें मूंदे हुए है। काफी समय से नलकूप खराब हैं, लेकिन उन्हें सही नहीं किया जा रहा। दो माह पूर्व नलकूप की मोटर फुक गई है। उसे सही नहीं किया गया है। गेहूं की फसल के लिए सिंचाई की बेहद जरूरत है। - राजेंद्र, निवासी ग्राम पटकिया।
- किसानों की समस्या के निदान के दावे किए जाते हैं। कोई भी किसानों की समस्याओं के निदान में रुचि नहीं लेता। राजकीय नलकूपों की हालत बेहद खराब है। कई कई वर्षों से नलकूप खराब हैं, लेकिन कोई भी सुनने को तैयार नहीं है। - गोल्डी, ग्राम फतेहपुरकला।
- सरकारी नलकूप काफी समय से खराब पड़ा है। 12साल से नलकूप खराब है। तमाम शिकायतों के बावजूद न प्रशासन ने सुनी और न ही नलकूप विभाग ने। अब तो नलकूप भी चार वर्ष धाराशायी हो गया है। कोई भी समस्या को लेकर गंभीर नहीं है। - नरेश चंद्र, म्यूनी, गंजडुंडवारा।
- किसानों के सामने सिंचाई का जबरदस्त संकट है। नलकूप खराब रहने के कारण किसानों को महंगी सिंचाई करनी पड़ती है। जिससे फसल की लागत भी बढ़ जाती है। नलकूप चालू हो जाएं तो किसानों की सिंचाई की समस्या हल हो सकती है। - अमर सिंह, म्यूनी, गंजडुंडवारा।
वर्जन-
- जिले के खराब नलकूपों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। जो भी खराब नलकूप हैं। उन्हें शीघ्र ही सही कराया जाएगा। बजट की भी कोई समस्या नहीं है। किसानों को सिंचाई की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। - सतीश चंद्र गौतम, अधिशासी अभियंता, नलकूप खंड।